असम के विष्णुपथ शंकरदेव विद्यालय की 11 वर्षीय कंकिता दास ने समुद्र में 17 किमी तैरकर रचा इतिहास।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम के गुवाहाटी की 11 वर्षीय तैराक कंकिता दास ने ओपन वाटर तैराकी में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर असम और पूरे पूर्वोत्तर भारत का नाम रोशन किया है। विष्णुपथ शंकरदेव विद्यालय की कक्षा छठी की छात्रा कंकिता ने महाराष्ट्र के रेवास जेट्टी से गेटवे ऑफ इंडिया तक अरब सागर में 17 किलोमीटर की दूरी मात्र 5 घंटे 44 मिनट में सफलतापूर्वक तैरकर पूरी की। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कंकिता इस मार्ग पर अब तक की सबसे तेज तैराक बनी हैं। वे यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली असमिया बालिका और पूर्वोत्तर भारत की पहली तैराक भी हैं। उन्होंने सुबह 5 बजे पूर्ण अंधकार में तैराकी प्रारंभ की और ऊँची लहरों तथा तेज समुद्री धाराओं से जूझते हुए सुबह 10 बजकर 44 मिनट पर गंतव्य तक पहुँचीं। गुवाहाटी के सरुसजाई खेल परिसर स्थित डॉ. जाकिर हुसैन एक्वाटिक कॉम्प्लेक्स में प्रशिक्षक बाबुल गुरुङ के मार्गदर्शन में प्रशिक्षित कंकिता की इस उपलब्धि पर असम तैराकी संघ के संपादक भास्कर रंजन दास एवं प्रचार सचिव मुकुटेश्वर गोस्वामी ने हार्दिक बधाई दी। तैराकी संघ ने इसे असम और पूर्वोत्तर भारत के खेल इतिहास में एक नया अध्याय बताया है।


