बेतुल
बैतूल चिचोली में जय स्तंभ चौक से वीर दुर्गादास चौक तक सड़क चौड़ीकरण पर विवाद
बिना अनुमति निर्माण कराने का आरोप

लोक निर्माण विभाग की सड़क पर नगर परिषद ने कराया चौड़ीकरण, नेता प्रतिपक्ष ने कलेक्टर से जांच की मांग की
नियमों को ताक पर रखकर सड़क चौड़ीकरण का आरोप
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। नगर परिषद चिचोली द्वारा जय स्तंभ चौक से लेकर वीर दुर्गादास चौक तक कराए गए सड़क चौड़ीकरण कार्य को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वार्ड क्रमांक 15 की पार्षद एवं नेता प्रतिपक्ष नेहा रूपेश आर्य ने इस मामले में जिला कलेक्टर से शिकायत कर आरोप लगाया है कि लोक निर्माण विभाग की सड़क पर बिना विभागीय अनुमति और नियमों की अनदेखी कर निर्माण कार्य कराया गया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, ठेकेदार के भुगतान पर रोक लगाने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है।
नेहा आर्य ने शिकायत में कहा है कि नगर परिषद चिचोली द्वारा लगातार नियमों के विरुद्ध कार्य किए जा रहे हैं। जय स्तंभ चौक से वीर दुर्गादास चौक तक सड़क के दोनों ओर चौड़ीकरण का कार्य कराया गया, जबकि इसके लिए संबंधित विभाग से कोई अनुमति नहीं ली गई। उनके अनुसार नियमों के विपरीत टेंडर प्रक्रिया कराई गई और सड़क निर्माण से जुड़े तकनीकी तथा प्रशासनिक पहलुओं की अनदेखी की गई।
शिकायत में उन्होंने सवाल उठाया है कि सड़क के दस्तावेज देखे बिना नगरीय प्रशासन विभाग ने तकनीकी स्वीकृति किस आधार पर प्रदान की। साथ ही लोक निर्माण विभाग की पुरानी नाली को नगर परिषद द्वारा किस नियम के तहत तोड़ा गया। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक सड़क लोक निर्माण विभाग से नगर परिषद चिचोली को हस्तांतरित नहीं की गई, तब तक शासकीय राशि का उपयोग कर निर्माण कार्य किस नियम के तहत कराया गया।
– अधिकारियों ने किस नियम के तहत पूरी कराई टेंडर प्रक्रिया
नेहा आर्य ने बताया कि उन्होंने पत्र के माध्यम से लोक निर्माण विभाग से सड़क की स्थिति के संबंध में जानकारी मांगी थी, जिस पर विभाग ने लिखित रूप से स्वीकार किया कि संबंधित सड़क लोक निर्माण विभाग की ही है। ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि जब सड़क लोक निर्माण विभाग की है तो नगर परिषद द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य को विभाग ने क्यों नहीं रोका।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब सड़क से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे तो अधिकारियों ने टेंडर प्रक्रिया किस नियम के तहत पूरी कराई। इसके अलावा नियमानुसार कायाकल्प योजना में नई सड़क का निर्माण नहीं किया जाता, बल्कि पुरानी जर्जर सड़कों का सुधार किया जाता है, ऐसे में इस योजना के अंतर्गत किए गए निर्माण की भी जांच होना आवश्यक है।
– अनाधिकृत निर्माण के भुगतान पर तत्काल रोक की मांग
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित मार्ग का भु-अधिकार अभिलेख मध्यप्रदेश लैंड रेवेन्यू कोड 1954 की धारा 115 के अंतर्गत राजस्व निरीक्षक मंडल बैतूल, चिचोली, तहसील बैतूल, चिचोली वर्ष 1967-68 तथा पटवारी हल्का क्रमांक 60 के अभिलेखों में लोक कर्म विभाग अर्थात लोक निर्माण विभाग के नाम से दर्ज है और इसकी चौड़ाई 80 फीट है।
नेहा आर्य ने कलेक्टर से मांग की है कि यदि यह मार्ग नगर परिषद चिचोली के आधिपत्य में है या लोक निर्माण विभाग द्वारा नगर परिषद को हस्तांतरित किया गया है तो इसके संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएं। साथ ही नियमों के विरुद्ध कराए गए सड़क चौड़ीकरण कार्य की निष्पक्ष जांच कराकर अनाधिकृत निर्माण के भुगतान पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ शासकीय राशि के दुरुपयोग का मामला दर्ज कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।




