67 गांवों को हापुड पिलखुवा विकास प्राधिकरण में स्थानांतरित कराने की उठी मांग..
पूर्व सांसद ने CM योगी से की चर्चा...

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
रिलायंस पावर प्रोजेक्ट की 2500 एकड़ भूमि पर भूमाफिया के कब्जे पर जल्द होगी कार्यवाही..
भ्रष्टाचार में मिलीभगत करने वाले अधिकारियों पर चल रही SIT की जांच रिपोर्ट पर शासन जल्द कार्यवाही करेगा ….
हापुड (यूपी) – गाजियाबाद से चार बार सांसद और भाजपा नेता रमेश चंद तोमर ने हापुड में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मीडिया से कहा, ” धौलाना तहसील के भौवापुर सहित सात गांव में रिलायंस पावर प्रोजेक्ट में जमीन खरीदने वाले भूमाफिया पर डीएम हापुड कराएंगे कार्यवाही,भूमाफिया के बैनामे कराएंगे निरस्त । धौलाना के पूर्व तहसीलदार प्रवीण शर्मा ,एसडीएम संतोष उपाध्याय द्वारा किए गए धारा 80 के आदेशों को निरस्त किया जा चुका है, भ्रष्टाचार में मिलीभगत करने वाले अधिकारियों पर शासन जल्द कार्यवाही करेगा । माननीय मुख्यमंत्री जी से मुलाकात की है ।…
पूर्व सांसद रमेशचंद तोमर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करते हुए कहा कि , हापुड के धौलाना तहसील क्षेत्र के 67 गांवों की भूमि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में अधिसूचित कर दी गई है।उद्योग लगाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से अनुमति लेनी पड़ती है, लेकिन प्राधिकरण द्वारा एनओसी नहीं दी जाती, इसलिए इन गांवों की भूमि को एचपीडीए में स्थानातरिंत किया जाना चाहिए । जिससे बड़ी कंपनियां लग सकेंगी और क्षेत्र में व्यापार और विकास में बढ़ोतरी होगी ।
पूर्व सांसद रमेशचंद तोमर ने बताया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा भूमि की धारा 80 ( कृषि भूमि से औद्योगिक में परिवर्तन ) नहीं की जाती, जिस कारण हजारों एकड़ भूमि का उपयोग नहीं हो पा रहा है। पिछले दो वर्ष में 467 फाइलें प्राधिकरण द्वारा निरस्त कर दी गई है । तहसील क्षेत्र के गांवों की भूमि को एचपीडीए में ट्रासंफर किया जाए तो अगले छह माह में हजारों उद्योग लगेंगे, जिससे क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलेगा और सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व भी प्राप्त होगा।
वहीं तहसील क्षेत्र में रिलायंस पावर प्रोजेक्ट के नाम पर किसानों को अधिगृहित की गई भूमि को ऊर्जा निगम के नाम पर दर्ज किए जाने के मामले में उन्होंने कहा कि रिलायंस के नाम पर किसानों से कम पैसे में भूमि अधिगृहित कर ली गई थी, जिसके बाद किसान कोर्ट की शरण में गए। सरकार को नियमानुसार चार गुना मुआवजा देकर झगड़ा खत्म कर देना चाहिए और किसानों पर चल रहे मुकदमों को समाप्त कर देना चाहिए। इस संबंध में उन्होंने तीन दिन पूर्व लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी चर्चा की थी।
हापुड़ का रिलायंस पावर प्रोजेक्ट लंबे समय से किसानों के विरोध का सामना कर रहा है क्योंकि परियोजना के लिए सात गांवों की 2500 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण किया गया था। किसानों का कहना है कि उनके साथ भूमि अधिग्रहण के बाद से ही भेदभाव किया जा रहा है, जिससे उनकी जमीन पर खेती की कोई व्यवस्था नहीं है और उन्हें सरकारी सुविधाओं से वंचित रखा गया है। 20 वर्षों से अधिक समय से, किसान अपनी जमीन पर कब्जा करके खेती कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उनके साथ न्याय नहीं हुआ है। भूमि अधिग्रहण 2003-04 में रिलायंस पावर प्रोजेक्ट के लिए सात गांवों (देहरा, धौलाना, ककराना, बझैड़ा खुर्द, जादौपुर, बहरमदपुर और नंदलालपुर) की 2500 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण किया गया था।
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा निरस्त रिलायंस पावर प्रोजेक्ट की 2500 एकड़ भूमि पर कुछ भूमाफिया ने कब्जा कर लिया है और धौलाना तहसील के तहसीलदार प्रवीण शर्मा, एसडीएम संतोष उपाध्याय ने किसानों की जमीन का धारा 80 लैंड यूज़ कर औद्योगिक में परिवर्तन कर दिया जिसकी जांच के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से एक SIT जांच टीम गठित की गई और सभी धारा 80 की फाइल को निरस्त करते हुए दोनों अधिकारियों को जिले से हटा दिया गया था ।
जबकि वहीं किसानों का आरोप है कि खनन माफिया और भूमाफिया ने परियोजना क्षेत्र में अवैध खनन कर कई फीट गहरे गड्ढे बना दिए हैं, जिससे भूमि का स्वरूप पूरी तरह बिगड़ गया है। और कुछ किसानों की भूमि पर भूमाफिया ने कब्जे भी कर रखे हैं लेकिन प्रशासन इनके विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं करता है ।



