सिंगरौली
मजौना पंचायत भवन के बगल में रेत माफियाओ ने बनाया किया रेत का भंडारण,
प्रशासन बनी बैठी धृतराष्ट्र..?

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। मध्य प्रदेश सरकार भले ही लगातार यह दावा करती नजर आ रही हो कि प्रदेश में अवैध रेत कारोबार पर शिकंजा कसा जा रहा है, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट दिख रही है। सिंगरौली जिले के ग्रामीण इलाकों में रेत माफिया इस कदर बेखौफ हैं कि मजौना पंचायत भवन के आसपास उन्होंने अपने अवैध कारोबार का अड्डा बना लिया है।
मजौना पंचायत में खुलेआम रेत का अवैध धंधा चल रहा है जहां पर ग्राम पंचायत मजौना में इन दिनों रेत का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार पंचायत भवन के ठीक बगल में ही रेत माफिया ने बालू का विशाल भंडार जमा कर रखा है। यह रेत महान नदी से अवैध रूप से निकाली जाती है और बिना किसी अनुमति या रॉयल्टी के ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से गांव में लाकर बिक्री की जा रही है।
राजस्व को हो रहा भारी नुकसान..?
इस पूरे खेल से न सिर्फ कानून का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि सरकार को लाखों रुपये का राजस्व भी चूना लगाया जा रहा है। रेत खनन और बिक्री का यह अवैध कारोबार खुलेआम चलने के बावजूद जिम्मेदार विभागों और अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
पंचायत भवन पर धूल की कालिख…
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन जैसे सार्वजनिक स्थल के पास इस तरह रेत का ढेर लगाना स्थानीय प्रशासन और पंचायत तंत्र की मिलीभगत का संकेत देता है। अगर प्रशासन की सख्ती होती, तो पंचायत भवन के बगल में खुलेआम रेत डंप करने की हिम्मत माफिया कभी नहीं करते गांव के लोगों का आरोप है कि अवैध कारोबार से जहां सरकारी खजाने को नुकसान हो रहा है, वहीं गांव के रास्ते भी लगातार खराब हो रहे हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉली के बेधड़क संचालन से सड़कों की हालत बिगड़ चुकी है। कई बार ग्रामीणों ने शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने से लोगों में आक्रोश है।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग…
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और खनिज विभाग से मांग की है कि तुरंत प्रभाव से मजौना पंचायत में हो रहे अवैध रेत कारोबार पर रोक लगाई जाए और इस धंधे में शामिल माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, पंचायत भवन जैसे सार्वजनिक स्थल की गरिमा को बचाने के लिए भी ठोस कदम उठाए जाएं।



