
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
ठाकुरगंगटी। ठाकुरगंगटी प्रखंड मुख्यालय स्थित हरी देवी रेफरल अस्पताल के पुराने भवन को तोड़ कर बनाए जा रहे ठाकुरगंगटी प्रखंड कार्यालय भवन हेतु जहां संवेदक द्वारा लाखों रुपए कीमत के कई हरे भरे वृक्ष को काटकर गायब कर दिया गया। वहीं, हरिदेवी रेफरल अस्पताल के पुराने भवन में लगे सोलर जलमिनार के अतिरिक्त कई दर्जन कीमती दरवाजे, खिड़कीयां, प्लांबिंग के समान, छत पर लगे पानी के कई बड़े टैंक, बिजली के समान, अंडरग्राउंड लोहे के पाइप जो भरी मात्रा में था, सभी को गायब कर दिया गया। जबकि अभी हरे वृक्षों को काटा जाना बदस्तूर जारी है। बुधवार को ऐसे ही एक वृक्ष को जब काटा जा रहा था तो साइड इंचार्ज ( मुंशी ) संतोष प्रताप सिंह से जानना चाहा कि यह वृक्ष किसके आदेश से काटा जा रहा है तो उन्होंने अंचल अधिकारी के आदेश से काटे जाने की बात कही। परंतु जब अंचलाधिकारी मदन महली से इस संबंध में पूछा गया तो उनके द्वारा अंचल कार्यालय से किसी भी प्रकार की आदेश नही दिए जाने की बात कही गई। इस संबंध में जब बोआरीजोर बन प्रक्षेत्र के रेंजर संजय कुमार रंजन से दूरभाष पर बात की गई तो उन्होंने कहा का ठाकुरगंगटी वन प्रक्षेत्र के अंतर्गत नहीं आता है, इसलिए इस पर अंचलाधिकारी द्वारा कार्यवाही की जानी चाहिए। बताते चलें जिस स्थान से इन कीमती वृक्षों को काटा गया है। उससे महज 50 मीटर की दूरी पर ठाकुरगंगटी थाना है। जबकि 100 मीटर की दूरी पर अंचल कार्यालय, ठाकुरगंगटी है। अब प्रश्न उठता है कि यदि सीओ ने वृक्ष कटने का आदेश नही दिया तो अवैध रूप से वृक्ष काटे जाने को लेकर अब तक कार्यवाही क्यों नही हुई। और यदि वृक्ष काटे जाने हेतु संवेदन द्वारा सीओ से आदेश ली गई है तो काटे गए वृक्ष कहां गए? उसे अंचल कार्यालय की अभिरक्षा में क्यों नहीं दिया गया, यह सवालिया निशान खड़ा कर रहा है।




