
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
चौसाना। कस्बे के थानाभवन मार्ग पर बनी जल निगम की पानी की टंकी से करीब 50 मीटर दूरी पर मुख्य पाइप टूटने से पिछले सात दिनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप है। टंकी से जुड़े चौसाना, पठानपुरा, सुंदरनगर,भडी,के लगभग 1800 कनेक्शन उपभोक्ता बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। सुबह होते ही सरकारी नलों पर ग्रामीणों, बुजुर्गों और स्कूल जाने वाले बच्चों की लंबी कतारें लग रही हैं। विभाग के पास नई पाइप उपलब्ध न होने से कर्मचारी जुगाड़ के सहारे मरम्मत में जुटे हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
चौसाना कस्बे के थानाभवन मार्ग पर बनी जल निगम की यह टंकी वर्षों पुरानी बताई जा रही है। मैन लाइन फटने के बाद से सप्लाई पूरी तरह बंद है। जिन घरों में निजी हैंडपंप नहीं हैं, वहां हालात और भी खराब हैं। महिलाएं व बच्चे सुबह-शाम बाल्टियां लेकर सरकारी नलों पर लाइन में खड़े नजर आते हैं। कई लोग खेतों और आस-पास के मोहल्लों से पानी भरकर ला रहे हैं।
ग्रामीण राजवीर, विजपयाल, अंकित और विशाल समेत अन्य लोगों का कहना है कि सात दिन बीत जाने के बाद भी जल निगम पाइप की व्यवस्था नहीं कर सका। उनका कहना है कि जब विभाग के पास संसाधन नहीं हैं तो कस्बे के लोगों को हर रोज यूं ही लाइन लगाकर पानी भरना पड़ेगा क्या? ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सप्लाई बहाल नहीं हुई तो वे सामूहिक रूप से विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि गर्मी बढ़ने से पहले ही जल संकट गहराने लगा है। स्कूल जाने वाले बच्चों को देर हो रही है, बुजुर्गों को भारी बर्तनों में पानी ढोना पड़ रहा है। बावजूद इसके विभाग की ओर से कोई ठोस समाधान नजर नहीं आ रहा।
टंकी ऑपरेटर सन्नवर ने बताया कि विभाग की ओर से अभी तक नई पाइप उपलब्ध नहीं कराई गई है। गांव के ही एक ग्रामीण से पाइप का एक टुकड़ा मिला है, उसी से जुगाड़ लगाकर लाइन जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अगर फिटिंग सही बैठी तो अस्थायी रूप से सप्लाई चालू की जा सकेगी।
जल निगम के जेई अरविंद कुमार ने कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है, फिर भी पाइप की तलाश जारी है। ठेकेदार ने शामली, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर तक पाइप खोजी, लेकिन इस साइज की पाइप उपलब्ध नहीं मिली। अब पानीपत से मिलने की उम्मीद है। टंकी काफी पुरानी है और इस आकार की पाइप अब आसानी से बाजार में नहीं मिलती।


