
हलालपुर (बागपत)।ग्राम हलालपुर स्थित बाबा मोहनराम मंदिर परिसर में भव्य सत्संग का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तगण मौजूद रहे।
सत्संग की अध्यक्षता गुरु तेजवीर सिंह ने की। उन्होंने अपने प्रवचनों में आत्मिक ज्ञान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब तक मनुष्य भीतर से जागृत नहीं होगा, तब तक सच्चे सुख और शांति को नहीं पा सकता। उन्होंने काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार को जीवन के सबसे बड़े शत्रु बताते हुए कहा कि ये पाँच विकार मनुष्य को पतन की ओर ले जाते हैं। इन पर विजय पाकर ही आत्मा को परमात्मा से जोड़ा जा सकता है।
गुरु तेजवीर सिंह ने कहा कि आज के समय में लोग भौतिक सुख-सुविधाओं की होड़ में जीवन का असली उद्देश्य भूलते जा रहे हैं। सच्चा सुख सेवा और सत्संग में ही है। उन्होंने भक्तों से आह्वान किया कि वे संयमित जीवन जिएँ, माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान करें तथा सच्चाई और सद्भाव के मार्ग पर चलें।
सत्संग के दौरान भक्तगण भक्ति रस में डूबकर झूम उठे। कई भजन मंडलियों ने बाबा मोहनराम की महिमा का गुणगान करते हुए आध्यात्मिक भजनों की प्रस्तुति दी। मंदिर परिसर “जय बाबा मोहनराम” के जयकारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम में आसपास के गाँवों से भी श्रद्धालुओं ने भाग लिया। श्रद्धालुओं ने कहा कि इस तरह के सत्संग से न केवल समाज में भाईचारा बढ़ता है, बल्कि मन और आत्मा को भी शांति प्राप्त होती है। इस अवसर पर अंकित तोमर, अंजली तोमर, कविता सागवान, सविता धामा, लक्ष्य, विमला, कमलेश आदि मौजूद रहे।
सत्संग के अंत में सभी भक्तों को गुरुजी की ओर से प्रसाद वितरण किया गया।



