गोड्डा
डालसा की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जागरुकता शिविर का आयोजन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष पीडीजे रमेश कुमार व सचिव दीपक कुमार के निर्देश पर रविवार को राष्ट्रीय महिला दिवस पर जिले के विभिन्न लीगल एड क्लिनिक की ओर से जगह-जगह विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान महिलाओं के शक्तिकरण की दिशा में कानूनी सहित विविध जानकारी दी गई। डालसा की ओर से गठित टीम में शामिल नवीन कुमार, बासुदेव मणीनंदन कुमार, रामविलास महतो आदि ने रंगमटिया में आयोजित शिविर में कहा कि महिलाओं को स्वतंत्र रूप से गिरमापूर्ण जिंदगी जीने का अधिकार है। भारत का संविधान महिलाओं को समानता का दर्जा प्रदान करता है। यह महिलाओं को गरिमा प्रदान करता है। संविधान की प्रस्तावना प्रत्येक नागरिक को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय प्रदान करती है।
महिलाओं को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से विधिक सहायता लेने का पूरा अधिकार है। इसके लिए महिलाओं को जागरुक रहने की जरुरत है। आज भी झारखंड में महिला साक्षरता दर बहुत कम है। ऐसे में बेटा और बेटी को समान रूप से शिक्षित करने का आह्वान किया। साक्षरता से ही जन जागरुकता संभव है। शिक्षित समाज से ही समाज, प्रदेश व देश का विकास हो सकता है। कहा कि महिलाओं को पुरुष की बराबरी का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। महिलाओं के लिए कानून में अनेक प्रावधान हैं। इसमें घरेलु हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम ,2005, महिलाओं के विरुद्ध् अपराध अधिनियम, लैंगिक उत्पीड़न , दहेज प्रतिषेध अधिनियम,1961,लैंगिक अपराधों से बालिकों का संरक्षण अधिनियम, महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम,2013, महिलाओं के स्वास्थ्य अधिकार, गिरफ्तार एवं बंदी महिलाओं के अधिकार , विधिक सहायता का अधिकार शामिल हैं। महिलाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग का गठन किया गया है।
वर्तमान सामाजिक परिवेश में महिलाएं किसी से कम नहीं हैं। ऐसे में कुरीतियों का दमन करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। महिलाओं की रक्षा के लिए अनेक कानून प्रभावी हैं।



