उत्तर प्रदेश

मेजा में बेमौसम बारिश से किसानों की उम्मीदें डूबीं

खेतों में सड़ रही धान की फसल, मुआवजे की उठी मांग

तीन दिन की लगातार वर्षा से खेतों में रखी कटी फसलें भीगकर खराब — कई गांवों में किसानों का भारी नुकसान, प्रशासन से तात्कालिक सर्वे और राहत की गुहार

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

प्रयागराज | मेजा :- प्रयागराज जिले के मेजा क्षेत्र में बेमौसम हुई बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। मंगलवार, बुधवार और शुक्रवार को लगातार हुई वर्षा से खेतों में रखी कटी हुई धान की फसल पूरी तरह भीग गई, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।
मेजा खास, अमोरा, मरहा, अमिलिया कला, सरायमलिक और आसपास के कई गांवों में इन दिनों धान की कटाई चल रही थी। अधिकांश किसानों ने फसल काटकर खेतों में ही रखी थी, लेकिन अचानक हुई बारिश ने सारी मेहनत चौपट कर दी। खेतों में भरे पानी के कारण धान की बालियां सड़ने लगी हैं और कई जगहों पर फसलें नष्ट होने की कगार पर हैं।
किसानों का कहना है कि इस बारिश ने उनकी सालभर की मेहनत और लागत को डुबो दिया है। खेतों में सड़ी फसल अब किसी काम की नहीं रही। कई किसानों ने बताया कि बारिश से फसल की गुणवत्ता इतनी घट गई है कि अब उसे बाजार में बेचना भी मुश्किल होगा।
अमोरा गांव के किसान रामसजीवन यादव ने बताया कि उन्होंने करीब पांच बीघे खेत में धान काटी थी, लेकिन बारिश के कारण पूरी फसल सड़ गई। वहीं मरहा गांव के किसान विजय कुमार ने कहा कि “हमने बड़ी मुश्किल से मेहनत कर फसल तैयार की थी, अब खेत में सड़ रही है, घर चलाना भी मुश्किल हो जाएगा।”
बेमौसम बारिश से उत्पादन पर भी गहरा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों में तुरंत गिरदावरी कराई जाए और मुआवजे की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि अगर राहत नहीं मिली, तो अगली फसल की बुवाई के लिए बीज और पूंजी जुटाना मुश्किल होगा।
कृषि विभाग के स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद प्रभावित किसानों को राहत दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मेजा में बेमौसम बारिश ने तोड़ी किसानों की कमर: खेतों में रखी धान सड़ी, मुआवजे की उठी मांग
मेजा में बेमौसम बारिश से तबाही: खेतों में भीगकर सड़ी धान की फसल, किसानों की सालभर की मेहनत चौपट
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