अमरोहा

पत्नी को दीमक मारने वाली दवाई प‍िलाई, फ‍िर कब्रिस्तान में गड्ढा खोदकर दफना दी लाश

रबाब हत्याकांड की खौफनाक दास्‍तां

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमरोहा।  दिल्ली के महरौली में रबाब फातिमा हत्याकांड ने सबको चौंका दिया है। नौगावां सादात से जुड़ी इस घटना में पति शबाब अली ने शक के चलते पत्नी रबाब की निर्मम हत्या कर दी। उसने पहले नशीली दवाइयां दी और फिर दीमक मारने वाला लिक्विड पिलाकर उसे मार डाला। पुलिस ने शबाब और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। रबाब और शबाब की प्रेम कहानी का अंत दुखद रहा। दिल्ली के महरौली में रबाब फातिमा हत्याकांड। छह दिन पहले यानि 15 अगस्त को दिल्ली पुलिस ने पति शबाब अली की निशानदेही पर उसका शव कब्र से निकाला था। पति ने पूछताछ के दौरान जो राज खोले वह दिखावटी रिश्तों की अहमियत को खोखला करने के लिए काफी हैं। केवल शक के आधार पर पति ने अपनी उस पत्नी को तिल-तिल कर मौत की सजा दी, जिसे वह 13 साल पहले दोनों के स्वजन के पुरजोर विरोध के बाद घर से ले गया था। दोनों की प्रेम कहानी का अंत कब्र की मिट्टी पर आकर हो गया। अब जिसने इस घटना के बारे में सुना वह अचंभित रह गया। दिल्ली के दिल दहला देने वाले हत्याकांड का सीधा संबंध नौगावां सादात से है दरअसल, नौगावां सादात के मुहल्ला बुध बाजार निवासी शबाब अली का प्रेम प्रसंग पास के मुहल्ला अलीनगर निवासी युवती रबाब फातिमा से चल रहा था। चूंकि शबाब अली सुन्नी तो रबाब फातिमा शिया समुदाय से थी। ऐसे में दोनों के स्वजन को इस पर आपत्ति थी। दोनों को अलग करने की काफी कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सके। मई 2012 में दोनों घर से चले गए तथा वापस नहीं लौटे। पेशे से ठेकेदार शबाब प्रेमिका रबाब फातिमा को लेकर अहमदाबाद चला गया और दोनों ने शादी कर ली। ऐसे में दोनों के ही स्वजन ने संबंध विच्छेद कर लिए थे। इस दौरान दोनों के परिवार में बेटी आयशा व बेटा जैन ने जन्म लिया।अहमदाबाद में रहते हुए उनके बीच खटास पैदा हो गई तो वह दिल्ली आ गए। शबाब ने यहां मकान निर्माण कराने के ठेके का काम शुरू कर दिया। दिल्ली के महरौली में रहते हुए दो साल पहले दोनों अलग हो गए थे। इसी बीच शबाब को पत्नी पर शक होने लगा। उसे शक था कि पत्नी का प्रेम प्रसंग किसी अन्य व्यक्ति से चल रहा है। लिहाजा उसने 13 साल की इस प्रेम कहानी व गृहस्थी को खत्म करने का खौफनाक फैसला कर लिया।
जून 2025 को शबाब पत्नी के पास पहुंचा और माफी मांगते हुए साथ रहने को रजामंद कर लिया। रबाब फातिमा उसका मंसूबा नहीं भांप सकी और दोनों बच्चों को लेकर पति के साथ रहने लगी। उसके बाद शबाब ने वह खूनी खेल खेला जिसे सुनकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए।शबाब ने पत्नी रबाब को भरोसे की ऐसी दर्दनाक मौत दी, जिसकी कल्पना भर से सिरहन पैदा हो जाती है। पहले नशीली गोली और बाद में दीमक को मारने वाले लिक्विड पिला कर मौत की नींद सुला दिया। फिर दोस्तों के साथ रात में जाकर कब्रिस्तान में दफन कर दिया। नौगावां सादात में जब इस खौफनाक मर्डर मिस्ट्री की जानकारी लोगों को हुई तो वह हैरत में रह गए। हर किसी की जुबां पर इसी की चर्चा है।
यह है घटनाक्रम
दिल्ली के महरौली थाने में 10 अगस्त को अफसाना नाम की महिला ने एक गुमशुदगी दर्ज कराई थी। कहा था कि उसकी दोस्त रबाब फातिमा लापता है। लिहाजा पुलिस ने जांच शुरू करते हुए पति शबाब हैदर से पूछताछ की। उसने विवाद की बात कहते हुए पुलिस को गुमराह कर दिया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखी तो 31 जुलाई की रात को शबाब अपने दो दोस्तों के साथ रबाब फातिमा को बेहोशी की हालत में कार में ले जाता दिखाई दिया। फिर उसे 12 अगस्त को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो सारा राज उगल दिया। उसने बताया कि उसे पत्नी के चरित्र पर शक था।
27 जुलाई को वह दोनों बच्चों के साथ रबाब फातिमा को बाजार ले गया था। वापस लौटते समय चाय में नशीली दवाई मिला दी थी। 31 जुलाई को वह रबाब को फतेहपुर देहरी के उस निर्माणाधीन मकान में ले गया जहां पर ठेकेदारी कर रहा था। वहां बंधक बनाकर रखा तथा प्रतिदिन दीमक को मारने वाला लिक्विड रबाब फातिमा को पिलाया।
1 अगस्त की रात को मौत होने के बाद साथी तनवीर, शाहरूख व हैदर की मदद से शव को चंदनभोला स्थित कब्रिस्तान में रात को जाकर गड्ढा खोद कर दबा दिया था। 15 अगस्त को शव को कब्र से निकाल कर पोस्टमार्टम कराया गया। डीसीपी साउथ दिल्ली अंकित चौहान ने बताया कि इस मामले में पति शबाब, शाहरूख व तनवीर को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। चौथे आरोपित हैदर की तलाश जारी है।
पुलिस व रिश्तेदारों को किया था गुमराह
शबाब अली ने पुलिस व रबाब फातिमा के रिश्तेदारों को भी गुमराह किया था। उसने पहले पुलिस को बताया था कि रबाब फातिमा का शव गंग नहर में बहा दिया है। वहीं घटना को अंजाम देने के बाद वह नौगावां चला आया था। उसने रबाब फातिमा के मोबाइल से उसके रिश्तेदारों को मैसेज भी किए थे कि वह दूसरी शादी करने जा रही है। कोई मेरा पीछा मत करना और मैं यह नंबर भी बंद कर रही हूं। इसके पीछे शबाब की मंशा थी कि रबाब फातिमा के स्वजन उसे तलाश न करें तथा वह बच जाए l
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