बेतुल

बैतूल कौन है रिंकू पाटिल और प्रकाश वंजारे क्यों नहीं चला उनके घर पर अभी तक बुलडोजर

 डेढ़ करोड़ छात्रवृत्ति घोटाले के मास्टरमाइंड अभी तक क्यों पुलिस की गिरफ्त से बाहर है 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल आपको यह भी संज्ञान में होना चाहिए की पीएम एक्सीलेंस जयवंती पाटिल प्रकाश वंजारे आज तक पुलिस की गिरफ्तार से बाहर है क्योंकि यही डेढ़ करोड़ छात्रवृत्ति घोटाले के बड़े मास्टरमाइंड है इन्हें अगर पुलिस गिरफ्तार करती है तो बहुत कुछ लोगों के नाम सामने आ सकते हैं रिंकू पाटिल यह वह शख्स है जो बहुत से लोगों के नाम ओपन कर सकता है अगर इसे गिरफ्तार पुलिस जल्दी कर ले तो सरकार कि उन योजनाओं का जो गरीब बच्चों के छात्रवृत्ति हजम कर गए ऐसे ऐसे आरोपियों की अभी तक किस कारण से गिरफ्तारी नहीं हो पाई है इन लोगों की गिरफ्तार होने की रास्ता देख रहा है सरकार का इतना बड़ा घोटाला करने वाले ऐसे आरोपियों को तो अभी तक के इन लोगों के घर पर सरकार ने क्यों बुलडोजर नहीं चलाया किस कारण से खामोश बैठे हुए हैं
किन-किन लोगों के खाते में राशि डाली गई अभी तक इन्हें आरोपी क्यों नहीं बनाया गया
 डेढ़ करोड़ छात्रवृत्ति घोटाले मैं किन-किन लोगों के खाते में राशि डाली गई क्या प्रशासन इन लोगों पर कोई कार्यवाही करना नहीं चाहता या कोई जांच करना नहीं चाहता क्या कारण है कि अभी तक के इन लोगों के ऊपर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई और उनके खाते की जांच क्यों नहीं की गई और इन लोगों पर मामला बनाकर इन्हें भी आरोपी क्यों नहीं बनाया गया है सबसे बड़ा कारण यह है देखना यहां है कि हमारे जिले में नए पदस्थ एसपी साहब क्या इस मामले में जिन खाता धारा को के खातों में बार-बार राशि डाली गई है इन लोगों पर भी मामला बनाते हैं या फिर इन्हें छोड़ देते हैं
बैतूल । वर्ष 2024 के अंत में बैतूल के पीएम एक्सीलेंस जयवंती हॉक्सर कॉलेज में छात्रवृत्ति योजना में बड़ा घोटाला सामने आया था जिसमें फर्जी खाते बनाकर फर्जीवाड़ा किया गया. इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. जयवंती हॉक्सर कॉलेज के 3 कर्मचारियों पर बैतूल के गंज थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. कॉलेज की पूर्व प्राचार्य के आवेदन पर पुलिस ने ये कार्रवाई की है ।
पुलिस के अनुसार कॉलेज के प्रभारी एकाउंटेंट प्रकाश बंजारे, क्लर्क रिंकू पाटिल और प्राइवेट ऑपरेटर दीपेश डेहरिया के खिलाफ केस दर्ज किया गया। पुलिस ने उन सभी 95 फर्जी खातों को सील कर दिया गया जिनके माध्यम से फर्जीवाड़ा किया गया. पुलिस द्वारा बताया जा रहा था कि इस मामले में आरोपियों की संख्या बढ़ेगी. पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है. अब तक की जांच में पुलिस को पता चला है कि 95 फर्जी खातों में 1 करोड़ 44 लाख 65 हजार का ट्रांजेक्शन किया गया है. साल 2019 से लेकर अभी तक छात्रवृत्ति योजना से जुड़े सभी दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं. अधिकांश खातों में 35 से 40 बार तक राशि डाली गई है।
यह मामला दिसंबर 2024 का है जिसमें पुलिस द्वारा तत्कालीन प्राचार्य विजेता चौबे की शिकायत पर दीपेश डेहरिया  कंप्यूटर ऑपरेटर प्रकाश बंजारे लिपिक सहायक ग्रेड 2 और रिंकू पाटिल पर थाना गंज में एफआईआर दर्ज की गई। अपराध पंजीबद्ध होने के बाद से ही आरोपीगण फरार चल रहे थे माध्यम से नवागत पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के संज्ञान में उक्त मामला लाने के बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा आवश्यक तथा त्वरित कार्रवाई के निर्देश के बाद उक्त घोटाले के आरोपी दीपेश डेहरिया को गिरफ्तार किया गया हैअब देखना यह है कि रिंकू पाटिल और प्रकाश वंजारे की गिरफ्तारी नहीं होती है तो क्या उनके घर पर बुलडोजर की कार्यवाही क्यों नहीं करते आखिर उन गरीब बच्चों का रुपया ऐसे लोगों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए आखिर किस कारण से इन्हें गिरफ्तार नहीं कर रहे
          इनका कहेना है कि
मामले की जांच चल रही है जल्द ही शेष आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी
     *एसडीओपी सुनील लाटाबैतूल*
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