टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का बिगुल, 9 मार्च से शुरू होगा दूसरा चरण
अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ ने बनाई चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। टीईटी अनिवार्यता के विरोध में अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ ने बड़ा आंदोलन छेडऩे की तैयारी कर ली है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (सम्बद्ध-अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ, नई दिल्ली) के जिलाध्यक्ष विनोद निरंजन की अध्यक्षता में बीआरसी जखौरा कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में शिक्षकों के हितों को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई। बैठक में विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लेकर टीईटी अनिवार्यता पर गंभीर चिंता जताई। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष विनोद निरंजन ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद समस्त शिक्षकों पर लागू की गई टीईटी अनिवार्यता से उत्पन्न स्थिति पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए आरटीई एक्ट से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट दिलाने के लिए उच्च स्तरीय अधिवक्ताओं से संपर्क कर रही है और अनिवार्यता समाप्त कराने की रणनीति बनाई जा रही है। उन्होंने सभी शिक्षकों से आगामी आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। बैठक में एससी/एसटी बेसिक टीचर वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष श्याम बिहारी, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मुहम्मद मुनीर, टीएससीटी के जिला संयोजक आदर्श रावत, अटेवा जिलाध्यक्ष रामेंद्र सिंह यादव सहित कई संगठनों के पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे और आंदोलन को व्यापक समर्थन देने की बात कही। इस दौरान जिलाध्यक्ष विनोद निरंजन, जिला मंत्री अनिल त्रिपाठी, ब्लॉक अध्यक्ष जखौरा सत्येंद्र जैन, लखनलाल सेन, हरिश्चंद्र नामदेव, संजीव टडैया, हरिनारायण चौबे, इंदर सिंह पटेल, रामरक्षपाल सिंह, अरविंद सिंह राजपूत, राजेश साध, बाबू सिंह राठौर, आदर्श रावत, मु. असलम, मो. मुनीर, रामेंद्र सिंह यादव, ब्रजेश चौरसिया, राममिलन रजक, गौरीशंकर सेन, जितेंद्र जैन, स्वदेश भूषण, दयाशंकर रजक, पुष्पेंद्र जैन, संतोष कुशवाहा, महेंद्र पंथ, संदीप नामदेव, नीतेश निरंजन, अवधेश कुशवाहा, राजेश कुमार और राजेंद्र सिंह परमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। बैठक का संचालन रामरक्षपाल सिंह ने किया।
आंदोलन के प्रमुख चरण
महासंघ द्वारा टीईटी अनिवार्यता के विरुद्ध चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की गई है जिसमें प्रथम चरण (9-15 मार्च 2026), शिक्षक की पाती अभियान के तहत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश और नेता प्रतिपक्ष (राज्य व केन्द्र) को ई-मेल और पोस्टकार्ड भेजे जाएंगे। द्वितीय चरण (13 अप्रैल 2026)- जनपद मुख्यालय पर शिक्षकों का एकत्रीकरण कर मुख्य मार्गों से मशाल जुलूस निकाला जाएगा। तृतीय चरण (3 मई 2026)- राजधानी लखनऊ के इको गार्डन पार्क में धरना-प्रदर्शन कर विधानसभा तक मार्च किया जाएगा। चतुर्थ चरण- मांगें पूरी न होने पर मानसून सत्र में देशभर के शिक्षक मिलकर संसद भवन का घेराव करेंगे।



