
लखनऊ, 5 जुलाई 2025: उत्तर प्रदेश के 21 जिलों में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित जिलों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), और प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) की टीमें दिन-रात राहत कार्यों में जुटी हैं।
मुख्यमंत्री ने ‘टीम-11’ के गठन के साथ मंत्रियों को प्रभावित क्षेत्रों में ‘ग्राउंड जीरो’ पर रहकर कार्यों की निगरानी करने का आदेश दिया है। गंगा, यमुना, घाघरा, चंबल, और सोन जैसी नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण प्रयागराज, वाराणसी, बलिया, और बहराइच जैसे जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं।
बचाव और वितरण: 738 नावों और मोटर बोट्स के जरिए हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। 1,013 बाढ़ चौकियों के माध्यम से खाद्य पैकेट, ओआरएस, और क्लोरीन टैबलेट वितरित किए जा रहे हैं। मेडिकल सहायता: 504 मेडिकल टीमें प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही हैं। निगरानी और समन्वय: जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, और स्थानीय विधायक स्टीमर और ट्रैक्टर ट्रॉलियों के जरिए राहत सामग्री पहुंचा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने लापरवाही के खिलाफ सख्त चेतावनी दी है और बाढ़ प्रभावितों को तत्काल राहत सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। बहराइच में 194 लोगों को बचाने वाले एक रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एक महिला और पीएसी जवानों को एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा भी की गई है।
राज्य सरकार ने बाढ़ की स्थिति पर काबू पाने के लिए सभी आवश्यक संसाधन जुटाए हैं, और प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी और बुनियादी सुविधाओं को बहाल करने के प्रयास जारी हैं।



