बागपत
फैशन के इस दौर में सर्दियों से बचकर रहें
सेहत से बड़ा कोई स्टाइल नहीं - डॉ. अभिनव तोमर, बाल रोग विशेषज्ञ

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बड़ौत (बागपत) : सर्दियां शुरू होते ही विवाह-शादी का मौसम भी दस्तक दे देता है। चारों ओर रौनक, सजधज और फैशन का अलग ही माहौल दिखाई देता है। खासकर महिलाएं इस मौसम में फैशनेबल परिधानों में खुद को अलग दिखाने की कोशिश करती हैं। लेकिन अक्सर फैशन के चक्कर में गर्म कपड़ों की अनदेखी कर दी जाती है—और यहीं से शुरू हो जाती है सेहत से जुड़ी समस्याएँ।
डॉ. अभिनव तोमर, बाल रोग विशेषज्ञ, बताते हैं कि “फैशन जरूरी है, लेकिन उससे भी महत्वपूर्ण है हमारी और हमारे बच्चों की सेहत।” सर्दी के मौसम में शरीर को अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत होती है। ऐसे में कम कपड़े पहनने या शरीर को खुला रखने का सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ता है।
फैशन और ठंड: दो विपरीत दिशाएँ
सर्दियों में तापमान तेजी से गिरता है। ठंडी हवा के संपर्क में आने से—
सर्दी–जुकाम, वायरल फ्लू, ब्रोंकाइटिस, निमोनिया, अस्थमा की समस्या बढ़ना, बच्चों में सांस लेने में कठिनाई जैसे रोग जल्दी पकड़ लेते हैं। विवाह समारोहों में घंटों तक खुले में रहना, हवा के सीधे संपर्क में रहना और देर रात तक कार्यक्रमों में भाग लेने से ठंड का प्रभाव और बढ़ जाता है।
महिलाओं का फैशन और स्वास्थ्य की अनदेखी
कई बार महिलाएं फैशन और आकर्षक दिखने की चाह में ऐसे कपड़े पहन लेती हैं, जो मौसम के अनुरूप नहीं होते। परिणामस्वरूप—
शरीर का तापमान गिर जाता है
प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है।
ठंड सीधे छाती और फेफड़ों पर असर करती है
तेज सर्दी, फीवर या वायरल अटैक का खतरा बढ़ जाता है
विशेषकर शादी या रिसेप्शन में बैकलेस, sleeveless या पतले कपड़े पहनने से रात की ठंडी हवा तुरंत असर दिखाती है।
मां ठंडी हुई तो बच्चा भी खतरे में आ जाता है।
सबसे चिंताजनक स्थिति तब होती है जब फैशन की वजह से मां खुद को पर्याप्त ढककर नहीं आती।
डॉ. अभिनव तोमर बताते हैं कि—
“अगर मां को ठंड लगती है, तो उसका सीधा असर बच्चे पर पड़ता है। दुधमुंहे बच्चे शरीर की गर्मी मां से ही प्राप्त करते हैं। मां के ठंडे पड़ते ही बच्चे में भी सर्दी, जुकाम, बुखार और फेफड़ों का संक्रमण हो सकता है।”
कई बार देखा गया है कि शादी-ब्याह में मां गर्म कपड़े नहीं पहनती, ऊपर से बच्चे को भी हल्के कपड़े पहना देती है। इससे
बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता गिरती है
तेज सर्दी और सांस संबंधी समस्याएँ आ जाती हैं
नवजातों में निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है
समय पर इलाज न मिले तो यह स्थिति गंभीर भी हो सकती है
फैशन करें, लेकिन समझदारी के साथ
फैशन पर प्रतिबंध नहीं है, पर समझदारी जरूर होनी चाहिए।
कुछ सरल उपाय—
कपड़ों की लेयरिंग करें
एक भारी कपड़ा पहनने के बजाय 2–3 हल्की परतें पहनें। इससे गर्मी बनी रहती है और आप आकर्षक भी दिखते हैं।
शॉल, स्टॉल या जैकेट का उपयोग
ऐसे परिधानों को फैशन में इस तरह शामिल करें कि लुक भी बना रहे और शरीर भी सुरक्षित रहे।
पैर और सिर को गर्म रखें
सर्दी 70% शरीर में सिर और पैरों से प्रवेश करती है। इसलिए स्टाइलिश जूते, लंबे मोज़े और हल्की कैप पहनें।
बच्चों को अतिरिक्त सुरक्षा दें
बच्चे अपनी ठंड व्यक्त नहीं कर पाते, इसलिए
ऊनी टोपी, मोज़े, हाथों में दस्ताने, छाती ढकी रहे इनका ध्यान रखें।
रात के समय अधिक सावधानी
रात में तापमान बहुत कम हो जाता है। ऐसी स्थिति में पतले या खुले कपड़ों से बचें।
शादी की रौनक अच्छी, सेहत उससे भी ज्यादा जरूरी
समारोहों में खूबसूरत दिखना सबको पसंद है, लेकिन अगर फैशन की कीमत स्वास्थ्य को चुकानी पड़े तो वह किसी भी तरह लाभदायक नहीं। शादी का आनंद तभी है जब आप और आपका परिवार स्वस्थ रहें।
डॉ. अभिनव तोमर का स्पष्ट संदेश है—
“इस मौसम में स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा स्टाइल है। फैशन पर समझदारी की परत चढ़ा दें, तो ठंड भी नहीं लगेगी और आप खूबसूरत भी दिखेंगी।”



