हजारीबाग

मासूम बच्ची की निर्मम हत्या पर उबाल

कटकमसांडी में बंद रहा सभी दुकान ।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
हजारीबाग जिला के विष्णुगढ़ क्षेत्र में 12 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और निर्मम हत्या की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक घटना ने न केवल एक परिवार को गहरे सदमे में डाला है, बल्कि पूरे समाज को भी शर्मसार कर दिया है। घटना के विरोध में तथा पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सोमवार को कटकमसांडी प्रखंड में एक दिवसीय बंद का आयोजन किया गया। इस बंद का व्यापक असर देखने को मिला। कटकमसांडी बाजार सहित आसपास के क्षेत्रों में सभी दुकानें पूरी तरह बंद रहीं, जिससे जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। बंद के समर्थन में स्थानीय व्यवसायियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
इस मौके पर मंडल अध्यक्ष कैलाश यादव ने कहा कि “यह घटना अत्यंत निंदनीय और मानवता को शर्मसार करने वाली है। दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कठोरतम सजा दी जानी चाहिए, ताकि समाज में ऐसा अपराध करने वालों के बीच भय का माहौल बने।वहीं सांसद प्रतिनिधि प्रेमचंद प्रसाद ने कहा कि पीड़िता को न्याय दिलाना हम सबकी प्राथमिकता है। प्रशासन को इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए दोषियों को कड़ी सजा सुनिश्चित करनी चाहिए।”
जिला मंत्री रितलाल प्रसाद यादव ने अपने वक्तव्य में कहा कि “इस तरह की घटनाएं समाज के लिए कलंक हैं। सरकार को पीड़ित परिवार को न्याय के साथ-साथ उचित मुआवजा भी देना चाहिए और महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।”
बंद के दौरान क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। कहीं से किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
इस अवसर पर भाजपा के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से महामंत्री अरविंद कुमार यादव, पूर्व मुखिया लिलों सिंह भोक्ता, मुखिया आदित्य दांगी, रामकृपाल सिंह, नरेश पासवान, मिथलेश सिंह, मनोज पाण्डेय, शंकर यादव, दुर्जोय प्रसाद, शंभु साव, राजकिशोर प्रसाद, मनोज अग्रवाल, योगेन्द्र प्रसाद, घनश्याम यादव, लेखराज यादव सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।
स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाया जाए और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
यह बंद समाज की एकजुटता और न्याय के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर सामने आया।
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