गाजियाबाद
लोनी में बढ़ता नशे का जाल, युवाओं का जीवन खतरे में – मार्टिन फैसल
उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, सख्त कार्रवाई और निगरानी की मांग

एसआईआर प्रक्रिया में समाजिक संगठनों की भागीदारी पर हुई चर्चा
लोनी, गाज़ियाबाद। लोनी के कई क्षेत्रों में नशे का अवैध कारोबार तेजी से फैल रहा है, जिसका सीधा असर स्थानीय युवाओं और समाज की सुरक्षा पर पड़ रहा है। इसी गंभीर विषय को लेकर सामाजिक संस्था खिदमत-ए-आवाम युवा समिति ने उपजिलाधिकारी दीपक सिंघनवाल को शिकायत पत्र सौंपा और जल्द से जल्द कठोर कदम उठाने की मांग की।
शिकायत में बताया गया कि विशेष रूप से कासिम विहार क्षेत्र में नशे की खरीद-फरोख्त और सेवन खुलेआम किया जा रहा है, जिससे अपराधों में भी बढ़ोतरी हुई है।
कासिम विहार के निवासी अजहरूद्दीन ने बताया कि नशे की हालत में लोगों द्वारा अभद्र व्यवहार, झगड़े और धमकी जैसी घटनाएँ बढ़ गई हैं, जिससे स्थानीय लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
“नशा सिर्फ आदत नहीं, भविष्य की बरबादी है” – मार्टिन फैसल
संस्था के संस्थापक मार्टिन फैसल ने कहा—
> नशा हमारी युवा पीढ़ी की ऊर्जा, सपनों और भविष्य पर सबसे बड़ा हमला है। हमें नशा-मुक्त भारत का लक्ष्य, नशा-मुक्त लोनी से शुरू करना है।”
उन्होंने यह भी बताया कि एसडीएम ने एसआईआर प्रक्रिया में संस्था की भूमिका और सरकारी सहयोग को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
पुलिस की लापरवाही पर सवाल, प्रशासन की सख्ती पर उम्मीद
स्थानीय लोग आरोप लगाते हैं कि नशे का यह कारोबार पुलिस की ढिलाई और कुछ स्तर पर संरक्षण मिलने के कारण फल-फूल रहा है। प्रशासनिक निगरानी की कमी युवाओं को धीरे-धीरे इस बुरी लत की ओर धकेल रही है।
नशे के दुष्परिणाम: सिर्फ शरीर नहीं, समाज पर भी असर
चिकित्सकों के अनुसार नशा—
दिमाग की कार्यक्षमता कम करता है तथा याददाश्त कमजोर करता है
दिल और लिवर पर गंभीर नुकसान पहुंचाता है
सांस, नसों और किडनी को प्रभावित करता है
व्यक्ति में हिंसक व्यवहार, अवसाद और आत्मघाती प्रवृत्ति बढ़ाता है
बेरोज़गारी, घरेलू कलह और अपराधों में वृद्धि का कारण बनता है
विशेषज्ञों का कहना है कि नशे की शुरुआत अक्सर केवल प्रयोग या दोस्तों के दबाव में होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह आदत गंभीर लत बन जाती है।
अभियान जारी रहेगा मार्टिन फैसल ने कहा
> “हम प्रशासन, समाज और युवाओं के साथ मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे। हर युवा को नशे से बचाना सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, मिशन है।”


