असम के करबी आंगलोंग हिंसा भाजपा सरकार के तानाशाहीपूर्ण व्यवहार का परिणाम: अखिल गोगोई।

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो ।
असम । करबी आंगलोंग जिले में हुई हिंसक घटना को भाजपा सरकार के ‘तानाशाहीपूर्ण व्यवहार का परिणाम’ बताते हुए राईजर दल के अध्यक्ष व विधायक अखिल गोगोई ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नाकामी का आरोप लगाया। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से गृहमंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग की। अखिल गोगोई ने कहा कि करबी आंगलोंग में लंबे समय से चली आ रही शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन को पुलिस ने रात के अंधेरे में बलपूर्वक दबाने की कोशिश की, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। उनके अनुसार, PGR और VGR भूमि से बेदखली के खिलाफ मात्र 11-12 युवक शांतिपूर्ण अनशन कर रहे थे। लेकिन सरकार ने कोई चर्चा किए बिना पुलिस के जरिए उन्हें हटा दिया, जिसके फलस्वरूप जनता व कार्यकर्ता उत्तेजित हो गए। विधायक गोगोई ने आरोप लगाया कि असम पुलिस और गृह विभाग इस घटना में पूरी तरह विफल रहा। शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों पर कठोर होने वाली पुलिस अपराधियों को नियंत्रित करने में नाकाम रही। खेरनी बाजार क्षेत्र में आगजनी की कई घटनाओं के बावजूद पुलिस ने तत्परता नहीं दिखाई। करबी आंगलोंग स्वायत्त परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य तुलीराम रंगहांग ने आंदोलनकारियों से चर्चा न करने के कारण स्थिति जटिल होने का उल्लेख करते हुए गोगोई ने कहा कि जनता की शिकायतें सुनना शासकों का नैतिक दायित्व है। उन्होंने सरकार से तत्काल स्थिति नियंत्रित करने, आंदोलनकारियों से चर्चा करने और प्रभावित लोगों को उचित क्षतिपूर्ति देने की मांग की। साथ ही, सभी वर्गों के जनता व कार्यकर्ताओं से शांति-व्यवस्था बनाए रखने का आह्वान किया।


