बेतुल

बैतूल 12 लाख 50 हजार की रिकवरी लंबित

धारा 89 की कार्रवाई विचाराधीन फिर भी पद पर बरकरार रोजगार सहायक 

फर्जी तरीके से राशि आहरण के आरोप, सरपंच और ग्रामीण ने की तत्काल पद से हटाने की मांग
जनसुनवाई में की शिकायत
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
बैतूल। ग्राम पंचायत चिल्कापुर में भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है, जहां जनसुनवाई में ग्राम रोजगार सहायक के खिलाफ भ्रष्टाचार, प्रधानमंत्री आवास योजना में वसूली, फर्जी बिल, जाली हस्ताक्षर और धमकी जैसे आरोप लगाते हुए विस्तृत शिकायत की गई। सरपंच हेमलता लोखंडे और ग्रामीणों के अनुसार 12 लाख 50 हजार रुपये की रिकवरी लंबित है, म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज्य अधिनियम 1993 की धारा 89 के तहत कार्रवाई विचाराधीन है, इसके बावजूद संबंधित कर्मचारी पद पर बरकरार है और दोबारा पदस्थापना की कोशिश कर रहा है। तीन साल से लंबित कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए ग्रामवासियों ने कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग की है, वहीं सरपंच हेमलता लोखंडे ने कहा है कि दबाव और धमकी के कारण ग्राम के विकास कार्य बाधित हो रहे हैं।
आवेदन में उल्लेख है कि संदीप मंगरदे पूर्व में ग्राम पंचायत चिल्कापुर में पदस्थ रहते हुए सचिव का प्रभार संभाल रहा था और पद का दुरुपयोग करते हुए ग्रामीणों को अवैध रूप से परेशान किया। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अवैध वसूली कर राशि के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय योजनाओं की जानकारी जानबूझकर नहीं दी जाती थी और जानकारी मांगने पर अभद्र व्यवहार किया जाता था।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार वर्ष 2017 में भी संदीप मंगरदे पर भ्रष्टाचार की जांच हुई थी, जिसमें लगभग 12 लाख 50 हजार रुपये की रिकवरी निकली थी, जो आज तक जमा नहीं की गई और न ही प्रभावी कानूनी कार्रवाई हुई। पद से पृथक करने का आदेश भी हुआ था। वर्ष 2022-2023 में तत्कालीन सरपंच धर्मराज कास्देकर द्वारा जाली हस्ताक्षर की शिकायत थाने में दर्ज कराई गई थी। वर्ष 2012 में सचिव नितिन कास्देकर को प्रभार नहीं देने और एक वर्ष तक परेशान करने का भी आरोप लगाया गया है।जनपद पंचायत भैंसदेही द्वारा पूर्व जांच में दोषी पाए जाने पर संविदा समाप्ति प्रस्तावित की गई थी, लेकिन तीन वर्ष बाद भी अंतिम कार्रवाई नहीं हुई।
– फर्जी कंपनी के आधार पर पंचायत की राशि आहरित की
शिकायत में यह भी आरोप है कि संदीप मंगरदे ने अपने घर से संचालित कथित जाली कंपनियां जैसे एम.टेक. रेंटल कम्पनी, रत्ना बिल्डिंग मटेरियल और अडलक बिल्डिंग मटेरियल के नाम से ग्राम पंचायत की राशि आहरित की। वर्तमान में वह ग्राम पंचायत आमला में पदस्थ है, लेकिन चिल्कापुर में पुनः पदस्थापना की कोशिश कर रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि दोबारा चिल्कापुर में पदस्थ किया गया तो पुनः अवैध वसूली और दुरुपयोग होगा।
आवेदन में यह भी उल्लेख है कि संदीप वर्तमान में भी सरपंच हेमलता लोखंडे को धमकी देकर विकास कार्यों में बाधा डाल रहा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि लंबित मामलों में तत्काल निर्णय लेकर वसूली की जाए, नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई हो और उसे पद से हटाया जाए ताकि ग्राम पंचायत चिल्कापुर में विकास कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकें।
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