असम

विश्वनाथ में स्वामी विवेकानंद जन्म जयंती के अवसर पर 164 वां “राष्ट्रीय युवा सप्ताह ” का धूमधाम से संपन्न

विवेक रथ बना आकर्षक का केंद्र बिंदु

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

विश्वनाथ : विश्वनाथ चारिआलि शहर के श्री श्री रामकृष्ण संघ के द्वारा स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में “राष्ट्रीय युवा सप्ताह” के रूप में आयोजित सोमवार को विश्व मनीषी स्वामी विवेकानंद स्वामी जी का 164 वाॅं जन्मदिन दिवस समारोह भव्य तरीके से मनाया गया| सर्वप्रथम सोमवार को प्रात: 10 से स्वामी विवेकानंद महाराज जी का “विवेक रथ “निकाला गया , जो विश्वनाथ चारिआलि शहर की परिक्रमा करते हुए विश्वनाथ चारिआलि श्री श्री रामकृष्ण मिशन के प्रांगण में समापन हुई। इस विवेक रथ कार्यक्रम में विधायक प्रमोद बरठाकुर, विश्वनाथा चारिआलि पौरसभा के मनोनित सदस्य विनोद कुमार गुप्ता , संघ के पदाधिकारी, शिष्य तथा महिला व बच्चों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा ली।साथ ही इस रथ में शारदा देवी , रामकृष्ण परमहंस , स्वामी विवेकानंद का वेशभूषा में प्रदर्शित किया गया । इसके बाद प्रसाद वितरण किया गय।तत्पश्चात अपराह्न 1, बजे जनसभा का आयोजन हुआ जिसमें असंख्य श्रद्धालु ने भाग ली । गरिमामय सभा का शुभारंभ विशिष्ट अतिथि रूप में विश्वनाथ के संस्कृत विद्वान लोकनाथ शास्त्री , वरिष्ठ कवि व साहित्यकार जमीर अहमद, असम सरकार के राजस्व विभाग सेवानिवृत्त अधिकारी व संस्कृत विद्वान हितेश्वर दास , श्री श्री रामकृष्ण संघ विश्वनाथ चाराली के अध्यक्ष डा: सुशील दास ने संयुक्त रूप से स्वामी विवेकानंद के फोटो के समीप दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सभा में उपस्थित अतिथियों ने 164 वाॅं जन्म जयंती के उपलक्ष में सभी को शुभकामनाएं दी।समारोह में उपस्थित अतिथि लोकनाथ शास्त्री, हितेश्वर दास, ज़मीर अहमद , हंस फाउंडेशन के प्रयोजना सह समन्वयक उत्पल शर्मा, शिक्षक संतोष कुमार महतो , वरिष्ठ समाजसेवी मृगेन भागवती को फुलाम गामोछा और संघ के पत्रिका से सम्मानित किया गया। सभा को संबोधित करते हुए संस्कृत विद्वान लोकनाथ शास्त्री ने कहा ने स्वामी जी के जीवनवृत्त को उजागर की।संतान की जन्म में मां का भूमिका अहम होती है जिसमें स्वामी जी के माँ रहीं ।साथ ही स्वामी जी के असम भूमि का भ्रमण का उल्लेख करते हुए स्वामी विवेकानंद को देव अंश अभिहित किया। उन्होंने कहा कि माताओं ही युवा व बच्चों को कुसंस्कार आधुनिकतावाद से दूर रहने में कार्य सिद्ध हो सकते हैं। अतिथि हितेश्वर दास ने श्री श्री रामकृष्ण संघ को ग़रीबी की सेवा करने वाली प्रमुख संस्था कहकर संबोधित किया। स्वामी जी के शिकागो सम्मेलन भाषण का उल्लेख किया।कवि जमीर अहमद हिंदी भाषा में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह भूमि पुनर्जन्म तथा ऋषियों की भूमि है। इस संघ की सेवा हमें भी आकर्षित कर लाया है। जिसमें भातृत्वबोध का जनम होता है। उन्होंने महान मनीषी स्वामी जी को स्मरण करते हुए स्वरचित कविता “प्यार मोहब्बत का दिया जलाया तुमने “पाठ किया। समाजसेवी मृगेन भागवती ने रामकृष्ण संघ के कार्य की सराहना की।सभा में कवि खुकेन पर्वत ने “शिकागो यात्रा”, शीर्षक कविता, कवि भास्कर धन ने स्वरचित कविता सुनाई।अंत में सचिव सुधीर घोष ने सभी अतिथियों तथा श्रद्धालुओं को धन्यवाद ज्ञापन किया गया ।इस मौके पर युवा विभाग के दायित्व में रहने वाले भास्कर धर , बिराज देब, तूहीन सरकार, प्रबाल सरकार ने संयुक्त रूप से हंस फाउंडेशन के प्रयोजना सह समन्वयक उत्पल दत्त को उनकी संस्था की कार्य उपलब्धि हेतु श्री श्री रामकृष्ण संघ के द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सभाध्यक्ष डा: सुशील दास ने अध्यक्षीय उद्बोधन में सभी को अपने जीवन में स्वामी जी के विचारों को आत्मसात कर आगे बढ़ने की बात कही।कार्यक्रम में विश्वनाथ चारिआलि श्री श्री रामकृष्ण संघ के अध्यक्ष डा: सुशील दास , सचिव सुधीर घोष ,सह सचिव प्रबाल चक्रवर्ती,सदस्य बिराज देब, अंकुर शाहा , रूपक दास गुप्त आदि प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद थे ।उल्लेखनीय है कि जनसभा के समापन के बाद 6 बजे स्थानीय गायकों द्वारा संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया।

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