गाजियाबाद
बलराज नगर में मंदिर की भूमि पर कब्जे को लेकर बढ़ा विवाद
कॉलोनीवासी एसीपी कार्यालय पहुंचे, प्रशासनिक निष्क्रियता पर उठे सवाल
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी (गाजियाबाद)। बलराज नगर कॉलोनी की गली नंबर-5 में स्थित मंदिर के लिए आरक्षित भूमि को लेकर शनिवार को विवाद और गहरा गया।जब क्षेत्र के नागरिकों के साथ ओबीसी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. प्रमेन्द्र जांगड़ा एवं नगरपालिका परिषद वार्ड-41 के सभासद अंकुश जैन सहायक पुलिस आयुक्त कार्यालय, अंकुर विहार पहुंचे और मामले में निष्पक्ष जांच कर हस्तक्षेप की मांग की।
विधायक के नाम पर दबाव बनाने का आरोप
एसीपी कार्यालय में मौजूद कॉलोनीवासियों ने आरोप लगाया कि स्थानीय भाजपा विधायक के करीबी बताए जा रहे कुछ लोग मंदिर निर्माण के लिए छोड़ी गई भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। नागरिकों के अनुसार कॉलोनाइजर कुंदरा द्वारा यह जमीन विशेष रूप से मंदिर निर्माण के उद्देश्य से छोड़ी गई थी, लेकिन अब उस पर दबंगों की नजर है।
छह माह से लंबित शिकायत, कार्रवाई आज तक नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संबंध में करीब छह माह पहले उपजिलाधिकारी लोनी को लिखित शिकायत दी गई थी, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नागरिकों का आरोप है कि समय रहते निष्पक्ष जांच होती तो आज अवैध निर्माण की स्थिति पैदा नहीं होती। उन्होंने पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए।
सभासद ने जताई आमजन की संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर चिंता
नगरपालिका सभासद अंकुश जैन ने कहा कि जब मंदिर जैसी सार्वजनिक आस्था से जुड़ी भूमि सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों के भूखंडों की सुरक्षा पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके वार्ड में किसी भी प्रकार की भूमाफिया गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सभासद ने यह भी कहा कि कॉलोनीवासियों के सहयोग से उक्त भूमि पर खाटू श्याम जी का मंदिर निर्माण कराया जाना चाहिए, ताकि जमीन का दुरुपयोग रोका जा सके।
पार्टी की छवि धूमिल होने का मुद्दा
ओबीसी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. प्रमेन्द्र जांगड़ा ने कहा कि यदि विधायक के नाम का सहारा लेकर लोग अवैध कब्जा करने की धमकी दे रहे हैं, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधियों से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच रहा है।
डॉ. जांगड़ा ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में इस तरह के विवादों की पुनरावृत्ति न हो


