बागपत
नेपाल के मरीज की रीढ़ की हड्डी का सफल ऑपरेशन बड़ौत मेडिसिटी हॉस्पिटल में

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत।नेपाल निवासी कृष्ण पुत्र धनीराम पिछले लंबे समय से असहनीय पीठ दर्द से जूझ रहे थे। दर्द की स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी थी कि उनका चलना-फिरना भी लगभग असंभव हो गया था। दिन-प्रतिदिन बढ़ते दर्द के कारण उनका सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका था। नेपाल एवं अन्य स्थानों पर कई चिकित्सकों से परामर्श लेने के बावजूद उन्हें कोई स्थायी राहत नहीं मिल सकी।
अंततः उन्होंने बड़ौत मेडिसिटी हॉस्पिटल में हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश कुमार से संपर्क किया। अस्पताल में आवश्यक जांच, एक्स-रे एवं अन्य परीक्षणों के उपरांत चिकित्सकों ने बताया कि मरीज की रीढ़ की हड्डी में टीबी (स्पाइनल ट्यूबरकुलोसिस) हो गई है तथा L2-L3 वर्टिब्रा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हैं। स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने ऑपरेशन को आवश्यक बताया।
सभी जोखिमों एवं उपचार प्रक्रिया की जानकारी मिलने के बाद मरीज एवं उसके परिजनों ने ऑपरेशन के लिए सहमति प्रदान की। 10 जनवरी को बड़ौत मेडिसिटी हॉस्पिटल में हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश कुमार तथा न्यूरो सर्जन डॉ. योगेंद्र सिंह की संयुक्त टीम द्वारा यह जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की गई।
मरीज का लेमिनेक्टॉमी ऑपरेशन किया गया, जिसमें रीढ़ की हड्डी को स्थिर करने के लिए पेच एवं रॉड (स्क्रू-रॉड सिस्टम) डाली गई। यह ऑपरेशन लगभग तीन घंटे तक चला और पूरी तरह सफल रहा। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत में लगातार सुधार देखा गया।
सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार ने बताया कि मरीज अब स्वस्थ है और 14 जनवरी से उसे चलना प्रारंभ करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि समय पर उपचार मिलने से मरीज को बड़ी जटिलताओं से बचाया जा सका। सफल सर्जरी से चिकित्सा टीम अत्यंत उत्साहित है और भविष्य में भी रीढ़ की हड्डी से संबंधित सभी प्रकार के जटिल ऑपरेशन करने में पूरी तरह सक्षम है।
इस अवसर पर बड़ौत मेडिसिटी हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. मनीष तोमर ने कहा कि अस्पताल में अनुभवी न्यूरो सर्जन एवं स्पाइन सर्जन की पूर्ण टीम उपलब्ध है। अब क्षेत्र के लोगों को रीढ़ की हड्डी से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मेरठ या दिल्ली जाने की आवश्यकता नहीं है। बड़ौत मेडिसिटी हॉस्पिटल में कम दरों पर उच्च स्तरीय उपचार उपलब्ध है।
उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल में ECHS, ESI, आयुष्मान भारत योजना एवं उत्तर प्रदेश सरकार की पंडित दीनदयाल कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत पात्र मरीजों का निशुल्क इलाज किया जाता है। यह सफलता क्षेत्रीय चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।



