ई-पंजीकरण के विरोध में तहसील में उबाल, पांचवें दिन भी ठप रहे कामकाज

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मोदीनगर। ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में आंदोलन सोमवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। तहसील परिसर में बैनामा लेखकों, स्टांप विक्रेताओं, कंप्यूटर ऑपरेटरों, वेंडरों और मुंशियों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। बाद में मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि निबंधन विभाग द्वारा प्रस्तावित ई-पंजीकरण व्यवस्था से तहसील आधारित पारंपरिक पंजीकरण प्रणाली समाप्त होने का खतरा है। इससे वर्षों से इस व्यवस्था से जुड़े हजारों अधिवक्ताओं, बैनामा लेखकों, स्टांप विक्रेताओं और अन्य कर्मचारियों के सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि पंजीकरण प्रक्रिया को निजी संस्थाओं के हाथों सौंपने से आम नागरिकों की समस्याएं कम होने के बजाय बढ़ेंगी। स्थानीय स्तर पर मिलने वाली कानूनी और तकनीकी सहायता प्रभावित होगी तथा लोगों को अपने दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए अनावश्यक भागदौड़ करनी पड़ सकती है।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से ई-पंजीकरण संबंधी आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की। उनका कहना था कि यदि सरकार ने निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्वरूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
उधर, लगातार पांचवें दिन चली हड़ताल के कारण तहसील में पंजीकरण संबंधी कार्य बुरी तरह प्रभावित रहे। जरूरी दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए पहुंचे लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।



