बेतुल
बैतूल दामजीपुरा में गौ माता के साथ अमानवीय कृत्य
इंसानियत शर्मसार, वीडियो बनाने वालों की भूमिका भी सवालों के घेरे में

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल जिले के दामजीपुरा क्षेत्र में गौ माता के साथ घटित आपराधिक व अमानवीय घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। इस प्रकार का आप्राकृतिक कृत्य किसी जघन्य मानसिकता वाले व्यक्ति द्वारा ही किया जा सकता है। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी शर्मसार करती है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घिनौना कृत्य बीते 2 से 3 दिनों से किए जाने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या इस दौरान किसी को इसकी भनक नहीं लगी, या फिर जानबूझकर अनजान बने रहने का प्रयास किया गया? सबसे गंभीर पहलू यह है कि घटनास्थल पर मौजूद कुछ लोगों द्वारा घटना का वीडियो बनाया गया, लेकिन गौ माता के साथ हो रहे अत्याचार को रोकने का प्रयास नहीं किया गया।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि यदि वीडियो बनाने वाले चाहते, तो समय रहते इस अमानवीय कृत्य को रोका जा सकता था। ऐसे में यह प्रश्न भी उठ रहा है कि क्या केवल वीडियो बनाना ही प्राथमिकता थी, या फिर गौ माता की रक्षा करना?
मामले में आरोपी हबीब उर्फ हब्बू पिता यूसुफ खान के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई की मांग की जा रही है, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की घिनौनी घटना को अंजाम देने का साहस न कर सके।
वहीं, पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेंद्र जैन से यह भी अपेक्षा की जा रही है कि वीडियो बनाने वाले व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच कर उनके विरुद्ध भी आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाए। सवाल यह है कि जब इतनी बड़ी घटना घटित हो रही थी, तब उसे रोकने की कोशिश क्यों नहीं की गई?
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए बैतूल प्रेस क्लब (PCWJ) के जिला अध्यक्ष इरशाद खान ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष व गहन जांच की मांग की है। ज्ञापन में मांग की गई है कि यदि समय रहते घटना को रोका जा सकता था, तो ऐसा न करने वालों की जिम्मेदारी भी तय की जाए।
फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी है। समाज की निगाहें अब इस पर टिकी हैं कि दोषियों के खिलाफ कितनी सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई की जाती है, ताकि इंसानियत और कानून दोनों पर लोगों का विश्वास बना रहे।



