ट्रंप के कार्यक्रम में गोलीबारी का घटनाक्रम
कैसे सुरक्षा घेरा तोड़ घुसा संदिग्ध, फायरिंग के बाद कब-क्या हुआ?

वॉशिंगटन। अमेरिका के वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान हुई फायरिंग की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के बीच मची अफरा-तफरी के बाद अब संदिग्ध की पहचान सामने आ चुकी है। फिलहाल पुलिस इस जिंदा पकड़े गए संदिग्ध हमलावर के मकसद और उसके ईरान से जुड़ाव को लेकर छानबीन में जुटी है। उसे सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में शनिवार रात (स्थानीय समयानुसार) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर एक बार फिर हमले की कोशिश हुई। हालांकि, इस बार हमलावर सीधा ट्रंप तक नहीं पहुंच पाया और घटनास्थल में घुसने के बाद ही राष्ट्रपति की सुरक्षा में जुटे सीक्रेट सर्विस एजेंट्स ने उसे मुठभेड़ के बाद जिंदा पकड़ लिया। फिलहाल हमलावर का नाम कोल टॉमस एलन बताया गया है, जो कि कैलिफोर्निया में एक शिक्षक रह चुका है।
हालांकि, अब तक यह साफ नहीं है कि हमलावर कैसे उस कार्यक्रम स्थल में हथियारों के साथ घुस गया, जहां राष्ट्रपति मौजूद थे? गोलीबारी की घटना और इसके बाद के पूरे घटनाक्रम को लेकर क्या-क्या सामने आया है? संदिग्ध हमलावर को कैसे पकड़ा गया और मौजूदा समय में उस पर किस तरह की कार्रवाई की बात चल रही है? राष्ट्रपति पर हमले की कोशिश के मामले में किसी व्यक्ति को क्या सजा हो सकती है? आइये जानते हैं…
हमलावर कैसे ट्रंप की मौजूदगी वाले कार्यक्रम स्थल में घुसा?
अधिकारियों और जांचकतार्ओं ने जो शुरूआती जानकारी दी है, उसके मुताबिक संदिग्ध हमलावर वॉशिंगटन के हिल्टन होटल में एक अतिथि के तौर पर ठहरा हुआ था।
कार्यक्रम की वजह से दोपहर दो बजे से होटल में आम जनता का प्रवेश बंद कर दिया गया था और सिर्फ मेहमानों और टिकट धारकों को ही अंदर जाने की अनुमति थी।
ऐसे में संदिग्ध का होटल में पहले से कमरा बुक होने का उसे फायदा मिला और वह आयोजन की सबसे बाहरी सुरक्षा परत को पार करने में सफल रहा।
कैसे पकड़ा गया संदिग्ध हमलावर?
अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, होटल के अंदर अपनी पहुंच बनाने के बाद संदिग्ध हमलावर हथियारों- शॉटगन, हैंडगन और कई चाकुओं से लैस होकर लॉबी में स्थित सीक्रेट सर्विस के सुरक्षा चेकपॉइंट की ओर तेजी से दौड़ा और उसे पार करने की कोशिश की। हालांकि, जैसे ही वह चेकपॉइंट से होकर भागा, सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने उसे दबोच लिया और जमीन पर गिराकर हथकड़ी लगा दी। इस पूरी कार्रवाई के दौरान कुछ गोलियां चलीं और इसमें एक सीक्रेट सर्विस एजेंट घायल हो गया। हालांकि, बुलेटप्रूफ वेस्ट ने उसे बचा लिया और फिलहाल उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
राष्ट्रपति ट्रंप के कितना करीब पहुंच चुका था खतरा?
इस तत्काल कार्रवाई की वजह से हमलावर उस बॉलरूम तक नहीं पहुंच पाया जहां राष्ट्रपति ट्रंप, उनके कैबिनेट सदस्य और अन्य मेहमान कार्यक्रम के लिए मौजूद थे। खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने घटना के बाद बताया कि हमलावर कमरे (बॉलरूम) से लगभग 50 गज की दूरी पर था, जब उसने सुरक्षा चेकपॉइंट की ओर तेजी से दौड़ लगाई थी।
ट्रंप के पत्रकारों को दिए डिनर में मौजूद डेलीमेल के अमेरिका के रिपोर्टर के मुताबिक, जिस होटल की लॉबी के चेकपॉइंट में यह घटना हुई वह मुख्य बॉलरूम से एक मंजिल ऊपर स्थित था। सुरक्षा चेकपॉइंट (मैग्नेटोमीटर) और मुख्य बॉलरूम के बीच नीचे की ओर जाने वाली केवल कुछ सीढ़ियां थीं। अगर हमलावर उस चेकपॉइंट को पार करने में सफल हो जाता, तो वह कुछ ही सेकंड के अंदर बॉलरूम के अंदर पहुंच सकता था।
अतिरिक्त सुरक्षा घेरा भी था मौजूद
भले ही हमलावर किसी तरह बॉलरूम के अंदर पहुंच जाता, लेकिन राष्ट्रपति तक सीधे पहुंचना उसके लिए आसान नहीं था। सीक्रेट सर्विस ने बॉलरूम के अंदर एक अतिरिक्त सुरक्षा घेरा बना रखा था, जो राष्ट्रपति और मुख्य मेज को बाकी मेहमानों से अलग कर रहा था। मंच के सामने और उसके किनारों पर हथियारों से लैस सीक्रेट सर्विस के एजेंट भी तैनात थे।
शूटर के घुसने से लेकर उसकी गिरफ्तारी तक का क्या रहा घटनाक्रम?
शनिवार दोपहर 2:00 बजे: कार्यक्रम के कारण वॉशिंगटन के हिल्टन होटल में आम जनता का प्रवेश बंद कर दिया गया था। हालांकि, हमलावर होटल में ठहरा था, जिसकी वजह से वह केवल अपने कमरे की चाभी दिखाकर बाहरी सुरक्षा परत को पार करने में सफल रहा।
रात 8:30 बजे के ठीक बाद: राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप मुख्य बॉलरूम के मंच पर अपनी सीट पर बैठ चुके थे और मनोरंजन का कार्यक्रम शुरू हो चुका था।
रात लगभग 8:35 बजे: हथियारों से लैस हमलावर ने मुख्य बॉलरूम से लगभग 50 गज की दूरी से होटल की लॉबी में स्थित सीक्रेट सर्विस के सुरक्षा चेकपॉइंट की ओर तेजी से दौड़ लगाई। यहीं मुठभेड़ में संदिग्ध को दबोच लिया गया। उसे हथकड़ी लगाकर गिरफ्तार कर लिया।
इसी समय गोलियों की आवाज सुनकर बॉलरूम में अफरातफरी मच गई; मेहमानों ने टेबल और कुर्सियों के नीचे छिपकर जान बचाई और एजेंट तुरंत राष्ट्रपति ट्रंप और उनके कैबिनेट सदस्यों को सुरक्षित स्थान पर ले गए।
रात 9:17 बजे: राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- ट्रूथ सोशल पर पहली बार घटना पर टिप्पणी की और पुष्टि की कि सुरक्षा अधिकारियों ने बहादुरी से काम किया है और शूटर को गिरफ्तार कर लिया गया।
रात 9:37 बजे: पहले पोस्ट के करीब 20 मिनट बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने फिर से पोस्ट किया और बताया कि सुरक्षा अधिकारियों ने उनसे और अन्य लोगों से कार्यक्रम स्थल (होटल) खाली करने को कहा है, और वे उस निर्देश का पालन कर रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने यह भी घोषणा की कि डिनर कार्यक्रम 30 दिनों के अंदर फिर आयोजित किया जाएगा।
रात 10:30 बजे: राष्ट्रपति ट्रंप व्हाइट हाउस वापस पहुंच गए और उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया को संबोधित किया। इस दौरान उनके साथ एफबीआई के निदेशक और कार्यवाहक अमेरिकी अटॉर्नी जनरल भी मौजूद थे। अधिकारियों और ट्रंप ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हमलावर एक ‘लोन वुल्फ’ (अकेले हमला करने वाला) था।
रात लगभग 11:13 बजे: डिस्ट्रिक्ट आॅफ कोलंबिया की अमेरिकी अटॉर्नी जीनिन पिरो ने प्रेस को बताया कि गिरफ्तार किए गए संदिग्ध पर हिंसा के अपराध के दौरान हथियार का इस्तेमाल करने और इसके जरिए संघीय अधिकारी पर हमला करने के आरोप तय किए जा रहे हैं।
रात 11:19 बजे: व्हाइट हाउस के प्रेस कार्यालय की तरफ से आधिकारिक तौर पर एक लिड की घोषणा कर दी गई। इसका मतलब यह था कि उस दिन राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से आगे कोई सार्वजनिक उपस्थिति या बयान नहीं दिया जाएगा। इसके बाद इस राष्ट्रपति के दिन के कार्यक्रमों का आधिकारिक समापन हुआ।
हमलावर के मकसद के बारे में क्या-क्या सामने आया?
संदिग्ध हमलावर कोल टॉमस एलन के सटीक मकसद को लेकर पुलिस और जांचकतार्ओं ने शुरूआत में कहा था कि उसका मकसद स्पष्ट नहीं है। हालांकि, बाद में अमेरिकी मीडिया समूहों ने पुलिस की पूछताछ और सूत्रों के हवाले से कई दावे किए हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, बंदूकधारी ने जांच अधिकारियों को बताया है कि उसका लक्ष्य राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े अधिकारियों को निशाना बनाना था।
खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि उनका अनुमान है कि इस घटना में वे खुद निशाने पर थे। ट्रंप ने हमलावर को एक ऐसा पागल व्यक्ति बताया जिसका दिमाग खराब था।
ट्रंप ने यह भी कहा कि जांचकर्ता मकसद का पता लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि इस हमले का अमेरिका-ईरान युद्ध से कोई जुड़ाव होगा।
डिस्ट्रिक्ट आॅफ कोलंबिया की अमेरिकी अटॉर्नी जीनिन पिरो के अनुसार, संदिग्ध पर हिंसा के अपराध के दौरान हथियार के इस्तेमाल और एक संघीय अधिकारी पर हमले के आरोप लगाए गए हैं। यानी अभी राष्ट्रपति पर हमले के प्रयास से जुड़ी धाराएं इस मामले में नहीं लगाई गई हैं। हालांकि, अगर यह भी लागू होती हैं तो हमलावर को आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
1. बिना पैरोल के आजीवन कारावास
यूनाइटेड स्टेट्स कोड के टाइटल 18, सेक्शन 1751 के तहत राष्ट्रपति की हत्या का प्रयास करना एक गंभीर संघीय अपराध है, जिसकी सजा कई वर्षों की कैद या आजीवन कारावास है। इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि इस हमलावर को अधिकतम सजा यानी बिना पैरोल (जल्दी रिहाई की कोई गुंजाइश नहीं) के आजीवन कारावास की सजा सुनाई जाएगी।
2. संघीय अधिकारी पर हमले के लिए अतिरिक्त सजा
सीक्रेट सर्विस के एजेंट संघीय अधिकारी होते हैं। टाइटल 18, सेक्शन 111 के मुताबिक, किसी संघीय अधिकारी पर जानलेवा हथियार से हमला करने या उन पर बंदूक तानने के कारण हमलावर की सजा में कई अतिरिक्त साल जोड़े जा सकते हैं।
3. हिंसक अपराध में हथियार का इस्तेमाल
टाइटल 18, सेक्शन 924 सी के तहत, किसी हिंसक अपराध को अंजाम देते समय बंदूक का इस्तेमाल करने पर एक अलग से अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। यह सजा मुख्य सजा के ऊपर जुड़ती है और इसे आसानी से कम नहीं किया जा सकता।
अगर अदालत संदिग्ध हमलावर को दोषी ठहराती है तो उसे एक उच्च-सुरक्षा वाली संघीय जेल में आम लोगों से दूर रखा जाएगा, ताकि वह आगे कोई खतरा पैदा न कर सके।



