
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत। सरकार द्वारा आम जनता को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयाँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की शुरुआत की गई है। इसी क्रम में बड़ौत के दिल्ली बस स्टैंड पर जन औषधि केंद्र खोला गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ा लाभ मिल रहा है।
जेनरिक दवा क्या होती है?
जेनरिक दवा को साल्ट (Salt) के नाम से जाना जाता है
इसमें वही दवा तत्व (Active Ingredient) होते हैं, जो महंगी ब्रांडेड दवाओं में होते हैं
असर, गुणवत्ता और सुरक्षा में जेनरिक दवाएं ब्रांडेड दवाओं के बराबर होती हैं
ब्रांडेड दवा क्या होती है?
ब्रांडेड दवाएं कंपनी के नाम से पहचानी जाती हैं
इन्हें बड़ी दवा कंपनियां अपने ब्रांड नाम से बाजार में बेचती हैं
जेनरिक दवा सस्ती क्यों होती है?
जेनरिक दवाओं के सस्ते होने के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं—
कोई ब्रांड एंबेसडर नहीं
जेनरिक दवाओं के प्रचार के लिए किसी अभिनेता, खिलाड़ी या सेलिब्रिटी को नहीं रखा जाता।
मार्केटिंग और विज्ञापन पर खर्च नहीं
टीवी, अखबार, पोस्टर, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव और प्रचार सामग्री पर भारी खर्च नहीं होता।
सीधी बिक्री व्यवस्था
जेनरिक दवाएं सीधे जन औषधि केंद्र से मरीज तक पहुंचती हैं, बीच में दलाल या कई सप्लाई चैन नहीं होते।
पैकेजिंग साधारण
महंगी डिब्बाबंदी और आकर्षक पैकिंग पर अतिरिक्त खर्च नहीं किया जाता।
सरकारी निगरानी और समर्थन
सरकार द्वारा तय दरों पर दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे मुनाफा सीमित रहता है।
ब्रांडेड दवा महंगी क्यों होती है?
ब्रांडेड दवाओं की कीमत ज्यादा होने के पीछे कई अतिरिक्त खर्च जुड़े होते हैं—
ब्रांड एंबेसडर की फीस
टीवी, डिजिटल और प्रिंट विज्ञापन
मेडिकल स्टोर को दिया जाने वाला ज्यादा कमीशन
मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव की सैलरी और प्रमोशन खर्च
आकर्षक पैकेजिंग
कंपनी का ज्यादा मुनाफा
इन सभी खर्चों का बोझ अंततः मरीज की जेब पर पड़ता है।
बड़ौत के लोगों को मिल रहा बड़ा लाभ
बड़ौत के दिल्ली बस स्टैंड पर खोला गया प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र स्थानीय लोगों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रहा है। यहां—
आम बीमारियों से लेकर गंभीर रोगों की दवाएं
बाजार से 50% से 90% तक सस्ती दरों पर
प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण रूप में उपलब्ध हैं
इस जन औषधि केंद्र की ओनर श्रीमती उर्मिला सिंह हैं, जो लोगों को सस्ती दवाओं के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ समाजसेवा का भी कार्य कर रही हैं।
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र न केवल आम जनता की आर्थिक बचत कर रहे हैं, बल्कि यह संदेश भी दे रहे हैं कि
इलाज महंगा नहीं, जानकारी महंगी होती है।



