गाजियाबाद
किसान नेताओं में रोष: बीकेयू (अनाज) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सचिन शर्मा नजरबंद
मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने से पहले प्रशासनिक कार्रवाई, समर्थकों ने रातभर जताया विरोध

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गाज़ियाबाद/दिल्ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे से ठीक पहले भारतीय किसान यूनियन (अनाज) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सचिन शर्मा को बुधवार देर रात उनके घर पर नजरबंद किए जाने से किसान संगठनों में नाराज़गी फैल गई। यह कदम तब उठाया गया, जब संगठन ने अवैध खनन, प्रदूषणकारी फैक्ट्रियों और वेब सिटी क्षेत्र में लंबित किसान मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने की योजना बनाई थी।
जैसे ही गुरुवार सुबह नजरबंदी की सूचना अन्य पदाधिकारियों तक पहुँची, लगभग दो दर्जन नेता तुरंत दिल्ली-99 स्थित आवास पर पहुँच गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाज़ी करते हुए वहीं धरने पर बैठ गए। दोपहर लगभग 2 बजे पुलिस बल हटते ही नजरबंदी समाप्त कर दी गई।
संगठन के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष बिन्नू अधाना और राष्ट्रीय महासचिव शर्मा यादव ने आरोप लगाया कि यह किसानों की आवाज दबाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि 20 नवंबर 2025 को जिला प्रशासन को औपचारिक ज्ञापन दिया गया था और 15 दिनों में समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई थी।
> “हम शांतिपूर्ण तरीके से मुख्यमंत्री से मिलकर समस्याएँ बताना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने दमनात्मक तरीका अपनाया,”– दोनों नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा
उन्होंने घोषणा की कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आगे बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। मांगों में यमुना नदी में अवैध खनन का रोकथाम, प्रदूषण फैला रही औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई और वेब सिटी क्षेत्र में संघर्षरत किसानों की समस्याओं का समाधान शामिल है।
आवास पर पहुँचे प्रमुख पदाधिकारी:
शर्मा यादव, रमेश चंद दीवान, सत्येंद्र गुर्जर, रामगोपाल, फुरकान, सोनू सिंह, प्रेम सिंह, बल्लू चौधरी, बंटी शर्मा, आकाश खन्ना, ललित कुमार, ओमप्रकाश कश्यप, देवेंद्र चौधरी, अवनीत बंसल, रोहित राणा सहित कई किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



