
दिल्ली : पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से यहां सरकारी स्कूलों में कक्षाओं के निर्माण से संबंधित कथित भ्रष्टाचार के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने शुक्रवार को तीन घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एसीबी ने सरकारी स्कूलों में कक्षाओं के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) नेताओं सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को तलब किया था। जैन 6 जून को एजेंसी के समक्ष पेश हुए थे। मामला दिल्ली के सरकारी स्कूलों में कक्षाओं और भवन का निर्माण अत्यधिक लागत में करने से संबंधित कथित अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है। संयुक्त पुलिस आयुक्त, एसीबी, मधुर वर्मा ने एक बयान में कहा कि सिसोदिया पूर्वाह्न 11 बजे एजेंसी के समक्ष पेश हुए। वर्मा ने कहा,सिसोदिया से एक स्वतंत्र ‘पंच’ गवाह की मौजूदगी में पूछताछ की गई और मामले से जुड़े विभिन्न तथ्यों और परिस्थितियों के बारे में उनके जवाब दर्ज किए गए। आज की पूछताछ पूरी होने के बाद वह अपराह्न 2.30 बजे एसीबी कार्यालय से चले गए। दिल्ली सरकार के स्कूलों में 12,000 से अधिक कक्षाओं या अर्ध-स्थायी संरचनाओं के निर्माण में 2,000 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के आधार पर 30 अप्रैल को एसीबी द्वारा एक प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद समन जारी किये गये।

रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री दिल्ली :
जब मुख्यमंत्री से कक्षा निर्माण मामले में दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री और पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) द्वारा समन भेजे जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा,सभी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। अरविंद केजरीवाल को भी पंजाब से लौटना पड़ेगा। हमें भगोड़े नेता नहीं चाहिए। सिसोदिया उक्त मामले में पूछताछ के लिए शुक्रवार को एसीबी के समक्ष पेश हुए।



