
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। बैठक में तेल, गैस और उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने पर चर्चा हो सकती है। सरकार वैश्विक हालात पर नजर रखे हुए है। पीएम मोदी ने इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति से भी बातचीत की थी। क्षेत्रीय स्थिरता, सुरक्षित सप्लाई चेन और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर जोर दिया था।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध की बीच प्रधानमंत्री मोदी एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा संकट से निपटना और भारत में तेल, गैस और उर्वरक की सप्लाई आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इस बैठक में अमित शाह राजनाथ समेत पेट्रोलियम मंत्री भी शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी इस बैठक में शामिल होंगे।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है। उपभोक्ता और उद्योग हितों की रक्षा के लिए सरकार वैश्विक घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रही है। पीएम मोदी ने शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा करने और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए बातचीत की। दोनों नेताओं ने आशा व्यक्त की कि यह त्योहारी मौसम पश्चिम एशियाई क्षेत्र के लिए शांति, स्थिरता और समृद्धि का दौर लेकर आएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हालिया हमलों की निंदा करते हुए कहा था कि इस तरह की कार्रवाई क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं और महत्वपूर्ण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करती हैं। प्रधानमंत्री ने नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा करने और अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी मार्गों को खुला और सुरक्षित रखने के महत्व को दोहराया। उन्होंने देश में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में ईरान के निरंतर समर्थन के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।



