बागपत

बड़ौत की बेटी ने रचा इतिहास

100 से अधिक फिल्मों का सफर तय करने वाली अभिनेत्री रेनूका चौधरी से खास बातचीत

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बड़ौत की धरती से निकलकर फिल्मी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाली अभिनेत्री रेनूका चौधरी ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। उन्होंने 100 से अधिक फिल्मों में अभिनय कर न सिर्फ अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है, बल्कि यह साबित कर दिया है कि छोटे शहरों से भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।
रेनूका चौधरी का यह सफर संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास की मिसाल है। इस खास मौके पर उनसे हुई बातचीत के मुख्य अंश प्रस्तुत हैं—
 प्रश्न: बड़ौत जैसे शहर से निकलकर 100 फिल्मों तक का सफर कैसा रहा?
रेनूका चौधरी:
बड़ौत मेरा घर है, मेरी पहचान है। यहीं से मैंने सपने देखे और उन्हें पूरा करने की शुरुआत की। छोटे शहर से बड़े मंच तक पहुंचना आसान नहीं था, लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी। आज जब मैं पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि हर संघर्ष सार्थक रहा।
 प्रश्न: आपने सोनोटेक जैसी बड़ी कंपनी में काम किया, आपका अनुभव कैसा रहा?
रेनूका चौधरी:
Sonotek (सोनोटेक) के साथ काम करना मेरे करियर का अहम हिस्सा रहा है। वहां काम करते हुए मैंने बहुत कुछ सीखा—खासकर प्रोफेशनलिज्म और अनुशासन। इसके अलावा मैंने कई अन्य कंपनियों के साथ भी काम किया, जिससे मेरा अनुभव और मजबूत हुआ।
 प्रश्न: आपके करियर की सबसे बड़ी चुनौती क्या रही?
रेनूका चौधरी:
शुरुआती समय बहुत कठिन था। नए लोगों के लिए जगह बनाना आसान नहीं होता। कई बार रिजेक्शन भी मिला, लेकिन मैंने उसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। वही चुनौतियां आज मेरी ताकत बन गई हैं।
 प्रश्न: आपकी सफलता का राज क्या है?
रेनूका चौधरी:
मेहनत, धैर्य और अपने काम के प्रति ईमानदारी। मैं हर रोल को पूरी लगन से निभाती हूं और यही मेरी सबसे बड़ी ताकत है।
 प्रश्न: आगे की क्या योजनाएं हैं?
रेनूका चौधरी:
मैं अब ऐसे प्रोजेक्ट्स करना चाहती हूं जो समाज को सकारात्मक संदेश दें—खासकर महिला सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर काम करने की मेरी इच्छा है।
 प्रश्न: बड़ौत के लोगों के लिए आपका संदेश?
रेनूका चौधरी:
मैं अपने शहर बड़ौत और वहां के लोगों का दिल से धन्यवाद करती हूं। उनका प्यार और आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। मैं चाहती हूं कि हमारे शहर के युवा भी बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने का हौसला रखें।
 संवाददाता की कलम से
बड़ौत की बेटी रेनूका चौधरी ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती। उनका 100 फिल्मों का सफर न सिर्फ एक उपलब्धि है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी है।
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