निजी स्कूलों की फीस पर सख्ती: उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने दिए स्पष्ट निर्देश, मनमानी पर कार्रवाई की चेतावनी
Strictness on fees of private schools: Deputy Commissioner Abhijit Sinha gave clear instructions, warned of action against arbitrariness

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
दुमका। 28 मार्च 2026 शनिवार को अभिजीत सिन्हा, उपायुक्त की अध्यक्षता में जिले के सभी निजी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापकों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2017 के आलोक में शुल्क समिति के गठन एवं फीस विनियमन से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। उपायुक्त ने सभी विद्यालयों से शुल्क समिति के गठन की स्थिति की जानकारी ली और जिन विद्यालयों में समिति का गठन नहीं हुआ है, उन्हें अविलंब गठन करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि शुल्क वृद्धि तार्किक एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप ही की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही निर्देश दिया कि यदि फीस वृद्धि पिछले वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत से अधिक होती है, तो उसे जिला समिति से अनुमोदन कराना अनिवार्य होगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि विद्यालय परिसर एवं संसाधनों का उपयोग केवल शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए किया जाए। किसी भी अभिभावक या छात्र को परिसर स्थित कियोस्क से पुस्तक, वर्दी या अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाए। इसके अलावा, जिला शिक्षा पदाधिकारी को आरटीई के दायरे से बाहर आने वाले निजी विद्यालयों को भी सभी दिशा-निर्देश उपलब्ध कराने को कहा गया। विद्यालय परिवहन व्यवस्था को लेकर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी स्कूल बसें नियमानुसार पीले रंग की हों और उन पर विद्यालय का नाम एवं पता स्पष्ट रूप से अंकित हो। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। बैठक में अनुपस्थित पाए गए विद्यालय प्रधानों के विरुद्ध स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए गए। प्रशासन की इस सख्ती को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अभिभावकों के हितों की सुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।



