
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट। जिले की रामपायली पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने उड़ीसा से लेकर गुजरात तक फैले संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बालाघाट कंट्रोल रूम में 5 अप्रैल की शाम 5:30 बजे प्रेस वार्ता आयोजित कर एसडीओपी वारासिवनी अभिषेक चौधरी और रामपायली थाना प्रभारी दिलीप मौर्य ने खुलासा किया है।
जानकारी अनुसार, रामपायली पुलिस को मुखबिरी से सूचना मिली कि लिंगमारा से दीनी में गांजा तस्करी हो रही हैं, पुलिस ने 5 अप्रैल की अलसुबह घेराबंदी करते हुए एक मोटरसाइकिल में सवार तीन लोगों को रोका गया जिनके पास चैकिंग के पश्चात पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 21 किलो से अधिक अवैध गांजा एक बोरी में पाया गया एवं घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को भी जब्त की है। गिरफ्तार आरोपियों में उड़ीसा के दो मास्टरमाइंड मिकेन्द्र उर्फ मुकेश देव (28 वर्ष), जिला गजाम, उड़ीसा और दिलीप सुना (32 वर्ष), जिला बौद्ध, उड़ीसा भी शामिल हैं, जो लंबे समय से गांजा तस्करी में सक्रिय थे। वहीं उन्हीं के साथ मुन्ना बर्वे (54 वर्ष), निवासी भटेरा रोड, थाना कोतवाली, बालाघाट निवासी भी पकड़ा गया है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे उड़ीसा से गांजा लाकर मध्यप्रदेश, गुजरात सहित अन्य राज्यों में सप्लाई करते थे। इस नेटवर्क के माध्यम से बड़े स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी की जा रही थी।
आरोपियों में मिकेन्द्र, दिलीप सुना और मुन्ना बर्वे के विरुद्ध थाना रामपायली में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20, 25, 29 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। 5 अप्रैल की दोपहर 3 बजे क़रीब माननीय न्यायालय में पेश कर 13 अप्रैल तक के लिए पुलिस ने रिमांड पर लिया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों, गांजे के स्रोत और सप्लाई नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
इस कार्रवाई को बालाघाट पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे अंतर्राज्यीय मादक पदार्थ तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है।



