
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
ललितपुर। शहर के गांधीनगर नई बस्ती, वार्ड नंबर 4 में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मोहल्ले के विभिन्न स्थानों पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हैं, जबकि नालियां पूरी तरह चोक पड़ी हैं। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि स्थानीय निवासियों का दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है। गंदगी और दुर्गंध के कारण लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। मोहल्लेवासियों का आरोप है कि कई दिनों से नियमित सफाई नहीं हो रही है। नगर पालिका के सफाई कर्मचारी समय पर नहीं आते और केवल औपचारिकता निभाकर चले जाते हैं। इसके चलते सड़कों पर कचरा लगातार जमा हो रहा है और अब वह बड़े ढेर का रूप ले चुका है। नालियों की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है। प्लास्टिक और अन्य कचरे से नालियां जाम हो गई हैं, जिससे जल निकासी पूरी तरह ठप हो गई है। परिणामस्वरूप सड़कों पर गंदा पानी भर रहा है और लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस समस्या की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। केवल आश्वासन ही मिले हैं, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। इसको लेकर लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। मोहल्ले की महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गंदगी के कारण बच्चे बाहर खेलने नहीं जा पा रहे हैं, वहीं बुजुर्गों को बदबू और प्रदूषित वातावरण में सांस लेने में दिक्कत हो रही है। कई लोग बीमार भी पडऩे लगे हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं। मोहल्लेवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, नियमित कचरा उठान सुनिश्चित किया जाए और नालियों की सफाई कर जल निकासी की व्यवस्था बहाल की जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेते हैं और गांधी नगर नई बस्ती के लोगों को गंदगी और अव्यवस्था से राहत दिला पाते हैं। फिलहाल स्थिति गंभीर बनी हुई है।



