मेरठ
अंबेडकर पार्क प्रकरणों पर आजाद अधिकार सेना का तीखा विरोध
मेरठ व बुलन्दशहर में सख्त कार्रवाई की मांग
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मेरठ। अंबेडकर पार्क से जुड़े दो अलग-अलग मामलों को लेकर आजाद अधिकार सेना ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संगठन ने मेरठ के लावड़ और बुलन्दशहर के खानपुर में हुई घटनाओं को अत्यंत गंभीर बताते हुए प्रशासन पर मनमानी, सरकारी संपत्ति से छेड़छाड़ और सामाजिक-धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप लगाए हैं। साथ ही दोषियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पहला मामला मेरठ जनपद के कस्बा लावड़ का है, जहां डूडा कॉलोनी के निकट निर्माणाधीन अंबेडकर पार्क में 19 अप्रैल 2026 को डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना के लिए बनाए गए मंच को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेन्द्र सिंह राणा ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई बिना किसी वैधानिक लिखित आदेश के की गई। उनका कहना है कि यह निर्माण नगर पंचायत बोर्ड के सर्वसम्मत प्रस्ताव के आधार पर नगर पंचायत की स्वामित्व वाली भूमि पर किया जा रहा था, इसके बावजूद इसे अचानक गिरा दिया गया।
संगठन ने यह भी दावा किया कि इस कार्रवाई का कोई लिखित आदेश उपलब्ध नहीं है, जबकि संबंधित एसडीएम ने भी ऐसे किसी आदेश से इनकार किया है। इसके अलावा, अवकाश दिवस (रविवार) को की गई इस कार्रवाई से प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। संगठन का आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई नियमों के विरुद्ध और मनमाने तरीके से की गई है।
दूसरा मामला बुलन्दशहर जनपद के कस्बा खानपुर का है। यहां स्थित अंबेडकर पार्क (हरिजन बस्ती) में सरकारी शिलापट्ट हटाकर उसकी जगह निजी नाम की पट्टिका लगाए जाने का आरोप है। इसके साथ ही हिन्दू समाज के आस्था स्थल “देवस्थान मठ” को जेसीबी मशीन से ध्वस्त किए जाने की घटना भी सामने आई है। संगठन का कहना है कि यह कृत्य न केवल सरकारी संपत्ति से छेड़छाड़ है, बल्कि पद के दुरुपयोग और धार्मिक भावनाओं को आहत करने का गंभीर मामला भी है।
आजाद अधिकार सेना ने कहा कि दोनों घटनाएं अनुसूचित जाति समाज की गरिमा और सम्मान से जुड़ी हैं और इस प्रकार की घटनाएं सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं। संगठन ने बताया कि दोनों मामलों में संबंधित थानों में तहरीर दी जा चुकी है और जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत भेजी गई है। इसके अलावा, प्रकरण को शासन स्तर के अधिकारियों तक पहुंचाया गया है और राष्ट्रीय व राज्य मानवाधिकार आयोग तथा अनुसूचित जाति आयोग को भी शिकायत भेजी जा रही है।
संगठन ने अपनी प्रमुख मांगों में दोनों मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज करने, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने, दोषी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को निलंबित करने, अंबेडकर पार्क के निर्माण कार्य को पुनः शुरू कराने और हटाई गई शिलापट्ट को पुनः स्थापित करने की मांग की है। साथ ही 7 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग रखी गई है।
आजाद अधिकार सेना ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन मेरठ में आयुक्त कार्यालय और एडीजी जोन कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर व्यापक आंदोलन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।



