
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लोनी के सिद्ध बाबा रामपार्क में आयोजित भव्य श्रीरामकथा के सातवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा वाचक परम पूज्य श्री अतुल कृष्ण भारद्वाज जी महाराज ने भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रेरणादायक प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया, जिससे पूरा परिसर भक्ति में डूब गया।
वनवास प्रसंग का वर्णन करते हुए व्यास जी ने ऐसा मार्मिक चित्र खींचा कि श्रद्धालु भावुक हो उठे। स्वयं विधायक नंदकिशोर गुर्जर भी अपने आंसू नहीं रोक सके। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम ने पिता के वचन और कुल की मर्यादा की रक्षा के लिए सहज भाव से राजसुख त्यागकर वनवास स्वीकार किया, जो त्याग और कर्तव्य का अद्वितीय उदाहरण है।
कार्यक्रम के दौरान दिल्ली विधानसभा के डिप्टी स्पीकर मोहन सिंह बिष्ट समेत कई संत-महात्माओं ने व्यासपीठ का आशीर्वाद लिया।
व्यास जी ने राजा दशरथ के प्रसंग के माध्यम से जीवन में जिम्मेदारियों को समय पर निभाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्यों को टालना नहीं चाहिए और बुजुर्गों को समय रहते अपनी जिम्मेदारियां अगली पीढ़ी को सौंपकर ईश्वर भक्ति में लग जाना चाहिए। माता कौशल्या, कैकेयी, सीता और लक्ष्मण के चरित्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने परिवार, त्याग और कर्तव्य के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “भाई हो तो लक्ष्मण जैसा,” जो समर्पण की मिसाल हैं।
जब भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के वनगमन का प्रसंग आया और अयोध्यावासियों के उनके पीछे चलने का वर्णन हुआ, तो पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।
इस मौके पर विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने कहा कि श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, सेवा और कर्तव्य का सर्वोच्च आदर्श प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में लोगों को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पित भाव से कार्य करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि लोनी की श्रीरामकथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का माध्यम है। कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही और पूरे वातावरण में “जय श्रीराम” के उद्घोष गूंजते रहे।



