गाजियाबाद

बचाने चले थे जीवन, खुद हादसे का शिकार हो गए

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी गाजियाबाद : लोनी डाबर तालाब एक बार फिर अपनी भयावह सच्चाई के साथ सामने आया, जहां एक युवक की तलाश में उतरा गोताखोर खुद ही मौत का शिकार बन गया। शादाब के डूबने की चर्चा के बाद उसे खोजने के लिए तालाब में उतरे गोताखोर सरताज उर्फ भूरा को क्या पता था कि यह कोशिश उसकी जिंदगी की आखिरी कोशिश साबित होगी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही सरताज तालाब में उतरा, वह धीरे-धीरे दलदल में फंसता चला गया। तालाब की खतरनाक सतह और अंदर मौजूद गहरी कीचड़ ने उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया। स्थानीय गोताखोरों और पीएसी के जवानों ने तुरंत उसे खोजने की कोशिश शुरू की, लेकिन जब तक उसे तलाशा गया, तब तक वह काल का ग्रास बन चुका था।
कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद सरताज के शव को तालाब से बाहर निकाला गया। इस दौरान तालाब के किनारे भारी भीड़ जमा हो गई थी, जो पूरे घटनाक्रम को स्तब्ध होकर देख रही थी।
सरताज की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया। जिस व्यक्ति ने दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए पानी में कदम रखा था, वही खुद लापरवाही और खतरनाक हालात का शिकार बन गया।
लोनी में दिनभर इस घटना की चर्चा होती रही। आम लोगों की जुबान पर एक ही सवाल था—आखिर कब तक यह तालाब यूं ही जिंदगियां निगलता रहेगा?
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