खैरथल
अंगारों के बीच रसगन आश्रम में स्वामी बालकादेवाचार्य की कठोर पंच धूणी अग्नि तपस्या
विश्व शांति के लिए 41 दिन का अनुष्ठान,दर्शन को पहुंच रहे है श्रृद्धालु

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
खैरथल-तिजारा : राजस्थान में एक ओर जहां सूर्य भगवान अपना रोद्ध रूप दिखा रहे है जनजीवन को प्रभावित है और तापमान 45 डिग्री के करीब पहुंच रहा है, वहीं दूसरी ओर रैणागिरी धाम मुण्डावर के बेनामी जगद्गुरु स्वामी बालकादेवाचार्य जी महाराज विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए कठोर पंच धूणी अग्नि तपस्या में लीन हैं। यह विशेष तपस्या रसगन गांव स्थित श्री शीतल दास जी आश्रम में की जा रही है, जो रैणागिरी धाम के संस्थापक श्री शीतल दास जी महाराज की पावन जन्मस्थली भी है। स्वामी बालकादेवाचार्य जी महाराज प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक पंच धूणी के मध्य बैठकर तपस्या करते हैं। बताया जा रहा है कि यह तपस्या 6 अप्रैल से प्रारंभ हुई थी और शुक्रवार को इसका 19 वां दिन पूर्ण हुआ। यह अनुष्ठान कुल 41 दिनों तक चलेगा, जो 17 मई को संपन्न होगा। भीषण गर्मी के बावजूद इस आध्यात्मिक आयोजन को लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम पहुंचकर संत के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। धार्मिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए आश्रम परिसर में विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं। इस अवसर पर रणधीर सिंह चौधरी, सुरेंद्र चौधरी,धनीराम सारण,अशोक कुमार, लोकेश वर्मा, अजय कुमार, नरेंद्र कुमार सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।


