गाजियाबाद
भीषण गर्मी में आस्था की अग्नि परीक्षा
सांकरौद में महंत सुरेश भगत जी की 21 दिवसीय ‘9 धूनी’ तपस्या आरंभ

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : जहां एक ओर उत्तर भारत भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से तप रहा है, वहीं बागपत जिले का सांकरोद गांव इन दिनों गहन आध्यात्मिक साधना का केंद्र बना हुआ है। गुरु गोरखनाथ आश्रम सांकरौद के महंत, पूज्य सुरेश भगत ने लोकमंगल और विश्व शांति के संकल्प के साथ अपनी 21 दिवसीय ‘9 धूनी’ तपस्या का शुभारंभ किया है।
44 डिग्री तापमान में अग्नि के बीच साधना
जब पारा 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है, ऐसे समय में महंत जी ने अपने चारों ओर नौ धूनियां प्रज्वलित कर कठोर तप का मार्ग अपनाया है। यह साधना प्राचीन काल की दुर्लभ और अत्यंत कठिन तपस्याओं में गिनी जाती है, जिसमें साधक बाहरी उष्णता को आत्मबल से साधने का प्रयास करता है।
पहले ही दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
रविवार (3 मई ) को तपस्या के आरंभ के साथ ही आश्रम में भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे। सुबह 11 बजे आयोजित ‘दिव्य दरबार’ में भक्तों ने गुरु जी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और इस अनुष्ठान के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
मानवता के कल्याण का संकल्प
आश्रम से जुड़े शिष्यों का कहना है कि यह तपस्या केवल व्यक्तिगत सिद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे मानवता की भलाई, मानसिक शांति और आध्यात्मिक जागरण के उद्देश्य से किया जा रहा है। यहां उपस्थित श्रद्धालुओं के अनुसार, इस कठिन साधना को देखकर उनमें संयम, श्रद्धा और धैर्य के प्रति नई ऊर्जा का संचार हो रहा है।
श्रद्धालुओं की भावना
भक्त योगेश धामा ने कहा, “इतनी प्रचंड गर्मी में अग्नि के बीच बैठकर तप करना त्याग और साधना की चरम सीमा है। यह दिव्य शक्ति का ही प्रमाण है कि गुरु जी यह कठिन तप कर रहे हैं। हम सभी इस अद्भुत साधना के साक्षी बनने आए हैं।”




