बागपत
सड़क हादसे में जान गंवाने वाले युवकों के लिए उठी न्याय की आवाज
भाकियू अखंड ने कोतवाली में किया प्रदर्शन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत। 30 अप्रैल की रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में दो युवकों की मौत के बाद पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग तेज हो गई है। बृहस्पतिवार को भारतीय किसान यूनियन (अखंड) के कार्यकर्ता मृतक परिवारों के साथ कोतवाली पहुंचे और कोतवाली प्रभारी से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच तथा आरोपी डंपर चालक की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।
भाकियू अखंड के जिला संगठन मंत्री दिलशाद खान के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कहा कि पुराना कस्बा बागपत निवासी साहिल और शादाब उर्फ भूरा की डंपर की चपेट में आने से असमय मौत हो गई, जिससे दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि दो परिवारों के सपनों के टूटने की घटना है। संगठन ने मांग की कि पुलिस इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरते और दोषी चालक को जल्द गिरफ्तार कर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे।
दिलशाद खान ने कहा कि पीड़ित परिवार लगातार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है, इसलिए पुलिस प्रशासन को संवेदनशीलता दिखाते हुए मामले की तह तक जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोपी की गिरफ्तारी में देरी हुई तो संगठन पीड़ित परिवारों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगा।
कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार ने संगठन पदाधिकारियों और परिजनों को भरोसा दिलाया कि पुलिस मामले को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि आरोपी चालक की तलाश के लिए दो विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस दौरान मृतक परिवारों की आंखों में न्याय की उम्मीद साफ दिखाई दी। परिजनों ने प्रशासन से मांग की कि दोषी को ऐसी सजा मिले जिससे भविष्य में कोई और लापरवाही किसी परिवार की खुशियां न छीन सके।
कोतवाली में मौजूद जिला सचिव इस्लाम अल्वी, इरशाद मलिक, वाजिद, जीशान खान, कलिम खान सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि संगठन पीड़ित परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर बेलगाम भारी वाहनों की लापरवाही आए दिन लोगों की जान ले रही है, इसलिए प्रशासन को सख्त यातायात नियमों के पालन के साथ दोषियों पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। अब सबकी निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर पीड़ित परिवार को न्याय कब तक मिलता

