पाकुड़

बाल विवाह रोकथाम एवं बाल संरक्षण को लेकर शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित

Education department held a review meeting regarding prevention of child marriage and child protection.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। जिला शिक्षा पदाधिकारी की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एडीपीओ, एपीओ, एमआईएस कोऑर्डिनेटर, हिरणपुर एवं सदर के बीईईओ, सभी प्रखंडों के बीपीओ, बीआरपी, सीआरपी, आईसीटी कोऑर्डिनेटर सहित पीसीआई यूनिसेफ से मोहम्मद अनीस अंसारी एवं पिरामल फाउंडेशन से मीना ठाकुर उपस्थित थीं। बैठक में शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा की गई। समीक्षा के बाद पीसीआई यूनिसेफ के मोहम्मद अनीस अंसारी ने बाल विवाह रोकथाम एवं बाल संरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि NFHS-5 रिपोर्ट के अनुसार पाकुड़ जिले में बाल विवाह की दर 44 प्रतिशत है, जिसे देखते हुए सभी विभागों एवं विद्यालयों को मिलकर गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है।उन्होंने सुझाव दिया कि विद्यालयों में आयोजित होने वाले मासिक तिथि भोज कार्यक्रम के दौरान बच्चों एवं अभिभावकों को जागरूक करने के लिए लघु फिल्म, वाद-विवाद, पेंटिंग प्रतियोगिता एवं अन्य गतिविधियों का आयोजन किया जाए। साथ ही अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, बाल विवाह रोकथाम एवं पोक्सो एक्ट की जानकारी देने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में जानकारी दी गई कि पंचायत विभाग द्वारा सभी पंचायतों में महिला एवं बाल कल्याण संरक्षण समिति के गठन का निर्देश दिया गया है। हिरणपुर प्रखंड की सभी 14 पंचायतों में पंचायत स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति का गठन किया जा चुका है। समिति की मासिक बैठकों में बाल संसद के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को शामिल कर उनके मुद्दों को दर्ज करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। विद्यालयों में बाल संसद को सक्रिय एवं जागरूक बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। इसके अलावा सभी स्पेशल ट्रेनिंग सेंटरों में ड्रॉपआउट बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी विद्यालयों को तिथि भोज के दौरान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने, बाल संसद को सक्रिय करने तथा पंचायत स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठकों में भाग लेने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालय परिसरों में बाल विवाह रोकथाम से संबंधित कम से कम दो जागरूकता स्लोगन लिखवाने को कहा गया। बैठक में नालसा एवं डालसा द्वारा चलाए जा रहे 90 दिवसीय “इंटर्नशिप लीगल अवेयरनेस एंड आउटरीच कैंपेन” की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि पाकुड़ जिला एक्शन प्लान के तहत चिन्हित संवेदनशील गांवों में पीएलबी द्वारा घर-घर जाकर विधिक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके माध्यम से बाल विवाह रोकथाम, स्पॉन्सरशिप, महिला हिंसा से जुड़े मामलों एवं निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी। इसके अतिरिक्त सभी प्रखंडों के कस्तूरबा विद्यालयों एवं अधिक छात्र उपस्थिति वाले मिशन स्कूलों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को उनके अधिकारों, सुरक्षा एवं संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी जा सके।

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