असम

हिमंत बिस्वा सरमा चुने गए एनडीए विधायक दल के नेता 

12 मई को असम के मुख्यमंत्री के रूप में लेंगे शपथ। 

 नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 

असम में भाजपा और एनडीए विधायक दल के नेता के रूप में हिमंत बिस्वा सरमा का एकमत से चुनाव हो गया। इस फैसले के साथ ही 12 मई को नई सरकार के शपथग्रहण समारोह की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस भव्य आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। रविवार को गुवाहाटी में नवनिर्वाचित एनडीए विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। इस अवसर पर उपस्थित केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने घोषणा की कि वरिष्ठ नेताओं द्वारा सरमा के नाम का प्रस्ताव आठ बार पेश किया गया। इनमें रंजीत कुमार दास, बिस्वजीत दैमारी, अजंता नेउग, रामेश्वर तेली, राजदीप रॉय, अशोक सिंघल, पिजुष हजारिका और चक्रधर गोगोई जैसे प्रमुख नेता शामिल थे। एनडीए के घटक दलों—भाजपा, असम गण परिषद (एजीपी) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ)—के विधायकों ने बैठक में बढ़-चढ़कर भाग लिया। एजीपी के अध्यक्ष अतुल बोरा और बीपीएफ के रिहोन दैमारी ने भी सरमा के नाम का खुला समर्थन किया। इसके बाद उन्हें भाजपा विधायक दल और एनडीए विधायक दल दोनों का नेता सर्वसम्मति से चुना गया। यह हिमंत बिस्वा सरमा का दूसरा लगातार कार्यकाल होगा। वे असम के मुख्यमंत्री के रूप में 12 मई को शपथ लेंगे। शपथग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति इस जीत को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण बनाएगी। असम विधानसभा चुनाव में एनडीए ने शानदार प्रदर्शन किया। 126 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए को 102 सीटें हासिल हुईं, जबकि विपक्ष को महज 24 सीटें मिलीं। भाजपा ने अकेले 82 सीटें जीतीं, वहीं सहयोगी एजीपी और बीपीएफ को क्रमशः 10-10 सीटें प्राप्त हुईं।विपक्ष में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को 19 सीटें मिलीं। रायजोर दल को दो, एआईयूडीएफ को दो सीटें हासिल हुईं, जबकि असम जातीय परिषद एक भी सीट नहीं जीत सकी। इस अपार सफलता ने असम में एनडीए की अटल पकड़ को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया है। सरमा के नेतृत्व में राज्य में विकास, स्थिरता और समृद्धि की फिर से नई उम्मीदें जागी हैं।

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