बेतुल
बैतूल नायाब तहसीलदार की तानाशाही प्रधानमंत्री आवास पर चलवा दिया बुलडोजर

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल 30 वर्ष का स्थायी पट्टा होने के बावजूद प्रधानमंत्री आवास योजना में बना मकान तोड़े जाने से बेघर हुई महिला
नायब तहसीलदार के खिलाफ बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप, कलेक्टर एसपी से की शिकायत
गृहस्थी का सामान नष्ट, 10 लाख के नुकसान का दावा,कलेक्टर ने कहा जांच के बाद महिला के साथ होगा न्याय करवाई जाएगी उनके आवास की व्यवस्था, समाजसेवी ऋषि दीक्षित ने कार्यवाही को बताया गलत,कहा अधिकारियों की मनमानी से बेघर हुई विधवा महिला
मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में जिला मुख्यालय पर सदर बाजार क्षेत्र के भगतसिंह वार्ड पानी की टंकी के पास रहने वाली उषा बाई मोरे ने कलेक्टर और एसपी से शिकायत कर नायब तहसीलदार पूनम साहू पर बिना नोटिस प्रधानमंत्री आवास तुड़वाने का आरोप लगाया है। शिकायत में उषा बाई मोरे ने बताया कि वह नगरपालिका बैतूल में सफाई कर्मचारी के रूप में कार्य करती हैं और विधवा महिला हैं।
शिकायत के अनुसार वर्ष 2018 में भूमिहीन परिवारों को दिए गए 30 वर्षीय पट्टे के तहत उन्हें 260 वर्गफीट भूमि आवंटित की गई थी। उसी भूमि पर वह लंबे समय से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोन लेकर मकान बनाकर निवास कर रही थीं। आरोप है कि 8 फरवरी 2018 के स्थायी पट्टा होने के बाद भी नायब तहसीलदार पूनम साहू ने बिना किसी नोटिस या सूचना के जिस वक्त घर पर ताला लगा हुआ था पहुँचकर जेसीबी से उनका मकान तुड़वा दिया।
उषा बाई मोरे का कहना है कि कार्रवाई के दौरान उनके घर का पूरा सामान नष्ट हो गया और उन्हें करीब 10 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उन्हें झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी भी दी गई। शिकायत में कहा गया है कि मकान बंद था और उसमें ताला लगा हुआ था, इसके बावजूद तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई।
आवेदिका ने आरोप लगाया कि मोहल्ले के कुछ असामाजिक तत्वों की शिकायत के आधार पर उनका मकान तुड़वाया गया। उन्होंने बताया कि वह स्वीपर समाज से हैं और मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं। अब मकान टूटने के बाद उनके पास रहने के लिए कोई अन्य भूमि या मकान नहीं बचा है।
उषा बाई मोरे ने कलेक्टर से मिलकर मामले में जांच करने और दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही के साथ साथ उनके रहने की व्यवस्था करने और मकान बनाकर दिए जाने की मांग की है कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि पीड़िता को पूरा न्याय मिलेगा और इनकी रहने की व्यवस्था करवाई जाएगी।
वहीं युवा समाजसेवी ऋषि दीक्षित ने भी इस कार्यवाही की कड़ी निंदा की है और इस तरह की कार्यवाही को गरीब महिला की गरीबी का मजाक बनाना बताया है साथ ही प्रधानमंत्री आवास होने के बावजूद इस तरह की कार्यवाही करने को अधिकारियों की तानाशाही कहा है
सबसे बड़ी बात है भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमन्त खंडेलवाल के विधानसभा और ग्रह जिले के हालात यह है अधिकारियों का जनता के प्रति रुख इस तरह का है तो प्रदेश की स्थिति क्या होगी खैर इस पूरे मामले को लेकर अब देखने वाली बात यह होगी कि इस पूरे मामले में क्या जांच की जाती है क्या गरीब महिला को आवास मिल पायेगा या इसी तरह अधिकारी अपनी मनमानी करते रहेंगे और गरीबो को बेघर करने का सिलसिला बदस्तूर जारी रहेगा।
*इनका कहेना है की*
प्रधान मंत्री आवास मे बना मकान बिना नोटिस के अगर मकान तोड़ा गया है तो तहसीलदार पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी
*सौरभ संजय सोनवने कलेक्टर बैतूल*



