
जगनेवा में अमानवीय तरीके से कराई जा रही थी मजदूरी, पहले पिता और अब बेटा पहुंचा जेल
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
जालौन : कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जगनेवा में बंधुआ मजदूरी कराने के सनसनीखेज मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले में फरार चल रहे आरोपी बेटे अवधेश उर्फ बबलू को भी पुलिस ने शनिवार देर रात दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इससे पहले पुलिस मुख्य आरोपी पिता हरिहर प्रसाद दांतरे को गिरफ्तार कर चुकी है।
गौरतलब है कि बीती 9 मई की रात कोतवाली पुलिस ने गांव जगनेवा में सर्च ऑपरेशन चलाकर चार बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया था। इनमें दिल्ली के विजय नगर निवासी अनिल पुत्र श्याम सुंदर, बरेली निवासी वीरेंद्र पुत्र छेगेलाल, हमीरपुर के कछुआ कला निवासी प्रेमचंद्र पुत्र बलीराम तथा राठ क्षेत्र के बेगए गांव निवासी धर्मेंद्र पुत्र लल्लू शामिल थे। पुलिस ने मजदूरों को गांव में बने एक बंद कमरे से मुक्त कराया था, जहां उनसे अमानवीय परिस्थितियों में जबरन मजदूरी कराई जा रही थी।
मुक्त कराए गए मजदूरों ने पुलिस को बताया था कि उनसे दिन-रात कठोर काम कराया जाता था। खाने के नाम पर कभी थोड़ी दाल-चावल तो कभी एक-दो रोटियां दी जाती थीं। मामूली गलती होने पर उनके साथ मारपीट की जाती थी और जानवरों जैसा व्यवहार किया जाता था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया था कि हरिहर प्रसाद दांतरे और उसका बेटा अवधेश उर्फ बबलू ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे, जो घर से भटके हुए हों या जिनके बारे में पूछताछ करने वाला कोई न हो। दोनों पहले ऐसे लोगों से दोस्ती करते, उन्हें सहारा और काम दिलाने का झांसा देते और फिर अपने यहां लाकर बंधुआ मजदूरी कराते थे।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी पिता हरिहर प्रसाद को मौके से गिरफ्तार कर लिया था, जबकि उसका बेटा अवधेश फरार हो गया था। तभी से पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। शनिवार रात कोतवाली प्रभारी हरिशंकर चंद को सूचना मिली कि फरार आरोपी अपने घर आया हुआ है। सूचना मिलते ही एसआई राजेश वशिष्ठ और निसार अहमद पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे और देर रात दबिश देकर आरोपी अवधेश उर्फ बबलू को गिरफ्तार कर लिया।
