हाईकोर्ट के आदेश पर कचहरी परिसर में 240 अवैध चैंबर तोड़े गए
वकीलों का जोरदार विरोध, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लखनऊ : इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के निर्देश पर रविवार को राजधानी लखनऊ के कैसरबाग स्थित जिला अदालत (सिविल कोर्ट) परिसर के आसपास अवैध चैंबरों और दुकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई। इस दौरान वकीलों ने तीखा विरोध प्रदर्शन किया, जिसके चलते पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
कार्रवाई का विवरण
लखनऊ नगर निगम की टीम ने भारी पुलिस बल की सुरक्षा में लगभग 240 अवैध चैंबर और कुछ दुकानों को ध्वस्त कर दिया। ये निर्माण पुराने हाईकोर्ट भवन, स्वास्थ्य भवन और जिला कोर्ट परिसर के आसपास सार्वजनिक भूमि, सड़क किनारे तथा नालों पर बने हुए थे।
कार्रवाई सुबह करीब 9 बजे शुरू हुई और दोपहर तक जारी रही। प्रशासन ने बताया कि यह अभियान अतिक्रमण हटाने और कोर्ट परिसर की सुरक्षा व सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए किया गया।
हाईकोर्ट का आदेश और नोटिस
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने PIL के आधार पर अवैध अतिक्रमण हटाने का स्पष्ट आदेश दिया था। 12 मई 2026 को नगर निगम की टीम ने इन अवैध निर्माणों पर नोटिस चस्पा किए थे और चैंबर मालिकों को स्वयं हटाने के लिए समय दिया गया था। वकीलों का आरोप है कि नोटिस अपर्याप्त थे और कई चैंबरों पर बिना उचित सूचना के कार्रवाई हुई। कुछ वकीलों ने हाईकोर्ट के आदेश में केवल 72 चैंबरों का जिक्र होने का दावा भी किया।
वकीलों का विरोध
वकीलों ने कार्रवाई का तीखा विरोध किया। कई वकीलों ने चैंबरों को लॉक कर लिया, बुलडोजर के सामने खड़े हो गए और नारेबाजी की। कुछ वकीलों ने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। विरोध के दौरान पथराव की घटनाएं भी हुईं, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। कचहरी बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मौके पर धरना दिया, लेकिन प्रशासन ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया। वकीलों का कहना है कि यह उनकी आजीविका पर सीधा हमला है और उनके साथ अन्याय हो रहा है।
प्रशासन का पक्ष
जिला प्रशासन और नगर निगम का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में की गई। अवैध अतिक्रमण को हटाकर सार्वजनिक जगह को खाली कराया जा रहा है। मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से चलाने का प्रयास किया गया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और कार्रवाई पूरी कर ली गई है। किसी बड़ी चोट या हताहत की सूचना नहीं है। यह घटना वकील समुदाय में काफी आक्रोश पैदा कर गई है। बार एसोसिएशन के आह्वान पर वकीलों द्वारा दो दिन काम बहिष्कार करने




