बालाघाट
पुलिस ने किया अंधे कत्ल का खुलासा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) : बालाघाट जिले के लामता थाना अंतर्गत ग्राम परतापुर निवासी सुरेंद्र मड़ावी के गुम होने की सूचना परिजनों द्वारा विगत 20 मई को दर्ज कराई गई थी । उसी दिन शाम को ग्राम परतापुर स्थित तालाब में एक शव मिलने की सूचना पर थाना लामता पुलिस मौके पर पहुंची और अंधेरा होने से मौके पर घटना स्थल सुरक्षित किया गया।
दूसरे दिन मृतक का पीएम शासकीय अस्पताल लामता से कराया गया पीएम रिपोर्ट में शरीर पर चोटें, धारदार हथियार से वार की वजह से मौत होना पाए जाने पर थाना लामता में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया। पुलिस द्वारा वैज्ञानिक एवं तकनीकी आधार पर जांच प्रारंभ की गई। मौके पर FSL टीम, डॉग स्क्वाड, पुलिस स्टाफ घटनास्थल पहुंचकर सूक्ष्म निरीक्षण किया। प्रथम दृष्टया घटनास्थल अत्यंत साफ-सुथरा दिखाई देने से संदेह हुआ कि हत्या कहीं और कर शव को तालाब में फेंका गया है।
प्रारंभिक जांच में घटनास्थल के आसपास कोई ठोस साक्ष्य नही मिले। इसी दौरान मृतक के शव मिलने के स्थान से लगभग 500 मीटर दूरी पर खेतों की ओर खून की एक बूंद दिखाई दी । जिसे संदिग्ध मानते हुए FSL टीम द्वारा परीक्षण कराया गया। डॉग स्क्वाड द्वारा रक्त के निशानों को ट्रैक किया गया, जहां खेतों की पगडंडी पर अलग-अलग स्थानों पर खून के धब्बे मिले। लगातार ट्रैकिंग करते हुए पुलिस उस वास्तविक घटनास्थल तक पहुंची, जो आरोपी सोनू मड़ावी के घर के पीछे स्थित खेतों की मेढ़ के पास था। घटनास्थल पर अत्यधिक मात्रा में रक्त मिला। डॉग स्क्वाड की ट्रैकिंग, वैज्ञानिक साक्ष्यों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध सोनू मड़ावी से पूछताछ की, जिसने अपने साथी मिथुन सैयाम के साथ मिलकर हत्या करना स्वीकार किया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ियां, घटना के समय पहने कपड़े एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जप्त किए गए। तालाब में फेंकी गई कुल्हाड़ी को मेटल डिटेक्टर की सहायता से बरामद किया गया। विवेचना के दौरान मृतक के परिजनों एवं ग्रामवासियों से लगातार पूछताछ एवं आरोपियों से पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मृतक सुरेंद्र मड़ावी के ग्राम परतापुर निवासी एक महिला के साथ संबंध थे। महिला का पुत्र सोनू मड़ावी मृतक के बार-बार घर आने-जाने एवं अपनी मां से संबंध होने के संदेह से अत्यंत नाराज रहता था। कई बार मना करने के बावजूद मृतक का आना-जाना बंद नहीं हुआ, जिससे सोनू मड़ावी ने बदला लेने के लिए अपने साथी मिथुन सैयाम के साथ मिलकर सुरेंद्र की हत्या करने की योजना बनाई लेकिन पुलिस की नजरों से बच नही पाए l




