बागपत

आर्य वीरांगना शिविर मे बेटियों क़ो आत्मरक्षा के लिए कराया लाठी चलाने का अभ्यास 

योग, कराटे और बौद्धिक सत्रों के माध्यम से हो रहा सर्वांगीण विकास

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बड़ौत। नगर के डिवाइन ग्लोबल एकेडमी में राष्ट्रीय आर्य वीर दल द्वारा आयोजित आर्य वीरांगना योग एवं चरित्र निर्माण शिविर के पांचवें दिन वीरांगनाओ में उत्साह, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। दिन की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और राष्ट्र प्रार्थना से हुई, जिसके बाद योग, सूर्य नमस्कार, आसन, प्राणायाम और कराटे का अभ्यास कराया गया।बौद्धिक सत्र मे राष्ट्रीय आर्य वीर दल के उपाध्यक्ष भारत आर्य ने बच्चों को मानसिक और बौद्धिक क्षमता बढ़ाने के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता केवल शिक्षा से नहीं, बल्कि मजबूत चरित्र, अनुशासन और सकारात्मक सोच से प्राप्त होती है। उन्होंने बच्चों को राष्ट्रसेवा और संस्कारों के महत्व से भी अवगत कराया। रीतू आर्य ने बताया कि शिविर में बच्चों को बहुमुखी विकास के साथ जीवन को सही दिशा में आगे बढ़ाने की कला सिखाई जा रही है। यहां बेटियों को आत्मनिर्भर और संस्कारवान बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस दौरान आचार्य धर्मवीर आर्य ने प्रेरणादायी वक्तव्य देते हुए कहा कि आज के समय में बच्चों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि साहस, संस्कार और आत्मविश्वास की शिक्षा देना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिस युवा पीढ़ी में चरित्र, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम होता है, वही समाज और देश को नई दिशा देने का कार्य करती है। बेटियों को आत्मरक्षा में सक्षम बनाना समय की आवश्यकता है, ताकि वे हर परिस्थिति का सामना निर्भीक होकर कर सकें। उन्होंने कहा कि शिविर बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने के साथ उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाने का कार्य कर रहा है। प्रधान शिक्षिका सुमेधा आर्य, स्वाति आर्य, समीक्षा आर्य, रजनी आर्य एवं उर्मिला आर्य द्वारा बच्चियों को आत्मरक्षा के लिए लाठी चलाने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान शिविरार्थियों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अभ्यास किया।
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