खैरथल
खैरथल: भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज ने धूमधाम से मनाया स्थापना दिवस

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
खैरथल।भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज (भावाधस) ने अपना 63वां स्थापना दिवस (24 मई 2026) धूमधाम से मनाया है। वाल्मीकि समाज को धार्मिक व सामाजिक रूप से एकजुट करने के लिए 24 मई 1964 को पंजाब के लुधियाना शहर में ब्रह्मलीन स्वामी ऋषिनाथ रत्नाकर जी ने इस संस्था की नींव रखी थी।
स्थापना दिवस पर रविवार को खैरथल में विभिन्न सेवा व सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के तहत सुबह से दोपहर तक राहगीरों व आमजन को ठंडा पानी, शर्बत वितरित तथा प्रसादी वितरण किया गया।
कार्यक्रम में समाज के वक्ताओं ने भगवान वाल्मीकि के आदर्शों पर चलने का आह्वान करते हुए समाज में शिक्षा, समानता और एकता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे व सामाजिक कुरीतियों से दूर रहे आदि धर्मसबसे प्राचीन धर्म हैं भगवान वाल्मीकि आश्रम समिति खैरथल प्रतिनिधि वीर बनवारी लाल चाँवरिया, हरि सिंह अटल, लल्लू राम, सुरेश गोहर सम्पूर्ण खैरथल निवासियों का पूर्ण सहयोग रहा
कार्यक्रम में पंजाब,हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश व उत्तरप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से पहुंचे समाज के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान समाज के लोगों ने अपने विचार रखे तथा समाजहित में कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में धर्म गुरु बाल चंद बोहत , त्रिलोक गिल , चरण सिंह बबरिक , रामकुमार साथी , रवि सिद्धू , सतीश गहलोत , भोपाल पुहाल , कुलदीप धीगान , उदयवीर चौहान, अनिल वाल्मीकि, डॉ. सुदर्शन, अशोक ढीक्याव , महेंद्र बिवाल , चोख राम , अनिल खैरथल विजय बोस, महेश तम्बोली , राजा , सुबेसिंह गोहर , लहरी राम , सुभाष सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।


