मथुरा
मथुरा जनपद में स्वीमिंग पुल बीमारियों-हादसों को दे रहे दावत

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मथुरा। गर्मी का प्रकोप बढ़ते ही जिले के ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में अवैध स्वीमिंग पूल का जाल बिछ गया है। मानक ताक पर रखकर बनाए गए ये तरणताल लोगों, खासकर बच्चों की जान के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। यह स्वीमिंग पूल बिना किसी लाइसेंस, एनओसी और सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहे हैं। जिम्मेदार इससे बेखबर हैं।
स्वीमिंग पूल में न तो प्रशिक्षित लाइफगार्ड हैं और न ही प्राथमिक चिकित्सा या आपातकालीन सेवाएं। न पानी की शुद्धता की जांच होती है और न ही बिजली की फिटिंग दुरुस्त है। गर्मी बढ़ने के साथ यहां बच्चों और युवाओं की भीड़ तेजी से बढ़ी है। सुरक्षा के अभाव में हादसा होने की आशंका बनी रहती है। चिकित्सकों के मुताबिक दूषित पानी गंभीर बीमारियां दे सकता है। 40 स्वीमिंग पुल संचालि खेल विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 40 स्विमिंग पूल संचालित हैं। इनमें से इस वर्ष केवल 16 ही पंजीकृत हैं, बाकी अवैध तरीके से चल रहे हैं। पिछले साल मई की शुरुआत में ही 35 पूल पंजीकृत हो गए थे, लेकिन इस साल पूरे माह बाद भी सिर्फ 16 पंजीकरण हुए हैं। पंजीकृत पूल में दो शहर में हैं, बाकी देहात क्षेत्र के नौहझील, फरह, छाता, कोसीकलां समेत अन्य इलाकों संचालित हैं। पिछले साल मसानी स्थित स्विमिंग पूल में एक किशोर की डूबने से मौत हो गई थी। घटना के बाद विभाग ने अभियान चलाकर पुल का पंजीकरण शुरू किया था। बीते सप्ताह आगरा में भी एक बच्चे की स्विमिंग पूल में डूबकर मौत हो गई।



