बरेली

अद्भुत है प्रभु राम का शील बल एवं सौंदर्य- बृजेश पाठक  श्री हरि मंदिर में रामकथा का द्वितीय दिवस 

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली : मॉडल टाउन स्थित श्री हरि मंदिर में पुरुषोत्तम मास में आयोजित सप्त दिवसीय रामचरितमानस प्रवचन के दूसरे दिन कथा व्यास पंडित बृजेश पाठक ने कहा वैसे तो प्रभु राम में अनंत गुण हैं पर गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज ने रामचरितमानस में प्रभु राम के तीन गुणों की विशेष चर्चा की है, और वे हैं रूप ,शील और बल और इनका वर्णन करने के लिए उन्होंने तीन नगरों का चयन किया है !अयोध्या में वह प्रभु राम के शील का वर्णन करते हैं ,जनकपुर में भगवान के सौंदर्य का वर्णन करते हैं ,और लंका में प्रभु राम के बल का वर्णन किया गया है!
 अपने से बड़ों के द्वारा दुर्व्यवहार करने पर भी जिसके हृदय में बड़ों के प्रति को दुर्भाव नहींआता और पहले की तरह सम्मान और सद्भाव बना रहता है मानवता का यही सर्वोच्च गुण शील कहलाता है!
 प्रभु राम के जीवन में यह शील गुण पग पग पर दिखाई देता है! कैकई जीने प्रभु राम के साथ इतना अन्याय किया राज्य के स्थान पर वनवास दे दिया लेकिन प्रभु राम निरंतर माता कौशल्या से अधिक आदर उनका करते रहे! भक्तों को भगवान राम के इस शील  गुण से बड़ा आश्वासन मिलता है, उन्हें लगता है अपने शील के कारण प्रभु राम हमारे अपराधों को भी क्षमा करके अपनी चरण शरण प्रदान करेंगे !
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