ललितपुर
बुन्देलखण्ड की प्राकृतिक विरासत को बचाने सौ विरासत वट वृक्ष दस्तावेजीकरण अभियान शुरू

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर, बुंदेलखंड क्षेत्र की प्राचीन प्राकृतिक धरोहरों को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। भारतीय जैव विविधता संरक्षण संस्थान, झांसी और मानव ऑर्गेनाइजेशन ने संयुक्त रूप से बुंदेलखंड के 100 विरासत वट वृक्ष दस्तावेजीकरण अभियान का शुभारंभ किया है। विलुप्त हो रही प्राकृतिक धरोहर पर चिंता आयोजकों ने बताया कि तेजी से होते शहरीकरण, विकास कार्यों और बदलते पर्यावरणीय परिदृश्यों के कारण बुंदेलखंड के अनेक प्राचीन एवं ऐतिहासिक वट वृक्ष (बरगद) अस्तित्व के संकट से जूझ रहे हैं। यदि इन अमूल्य प्राकृतिक धरोहरों का समय रहते अभिलेखीकरण नहीं किया गया, तो आने वाली पीढिय़ां इनके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व से पूरी तरह वंचित हो जाएंगी। इसी चिंता को दूर करने और वट वृक्ष के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से यह विशेष जनभागीदारी अभियान चलाया जा रहा है। जन-सहभागिता से बनेगा इतिहास इस अभियान को सफल बनाने के लिए आम नागरिकों से सक्रिय सहयोग की अपील की गई है। कोई भी व्यक्ति अपने आसपास स्थित प्राचीन वट वृक्ष की जानकारी भारतीय जैव विविधता संरक्षण संस्थान और मानव ऑर्गेनाइजेशन को भेज सकता है। जानकारी भेजने के लिए स्थान, वृक्ष का गांव, नगर या शहर। लोकेशन जी.पी.एस.लोकेशन या गूगल मैप लिंक। विवरण वृक्ष का स्पष्ट फोटो, अनुमानित आयु और उससे जुड़ी कोई विशेष ऐतिहासिक, सांस्कृतिक या स्थानीय मान्यता। अंतिम तिथि और सम्मान अभियान में शामिल होने के इच्छुक प्रतिभागी अपनी प्रविष्टियां 25 जून 2026 तक भेज सकते हैं। आयोजकों ने घोषणा की है कि इस संरक्षण कार्य में अमूल्य योगदान देने वाले सभी प्रतिभागियों को संस्था की ओर से ‘ई-प्रमाण पत्र’ प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। संपर्क और जानकारी इस पुनीत कार्य में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए नागरिक डा.सोनिका कुशवाहा 9452856288 या पर्यावरणविद् पुष्पेन्द्र सिंह चौहान 9235262399 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, अपनी प्रविष्टियां ईमेल के माध्यम से भी भेजी जा सकती हैं। संस्था के प्रतिनिधियों ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे अपनी प्राकृतिक विरासत को सहेजने के इस संकल्प में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, ताकि स्वच्छ पर्यावरण और सुरक्षित भविष्य का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।



