संभल

साढ़े छह साल बाद सकुशल मिली अपहृत बालिका

पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

वर्ष 2020 से लापता थी किशोरी, एएचटी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से हुआ खुलासा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

संभल : संभल पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वर्ष 2020 में रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई एक बालिका को करीब छह वर्ष छह माह बाद सकुशल बरामद कर लिया गया है। मामले में पुलिस ने एक पुरुष और एक महिला सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण खुलासा किया है। इस कार्रवाई से पीड़ित परिवार को वर्षों बाद राहत मिली है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2020 में थाना रजपुरा क्षेत्र से 11 वर्षीय बालिका के अचानक लापता होने का मामला सामने आया था। परिजनों द्वारा काफी तलाश के बाद भी जब बालिका का कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया गया। शुरुआती जांच के बावजूद कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी, जिसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटी) को सौंप दिया गया।

पुलिस टीम ने कई वर्षों तक लगातार मामले की निगरानी की। इस दौरान तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डाटा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मुखबिर तंत्र और विभिन्न राज्यों की एजेंसियों से समन्वय स्थापित कर जानकारी जुटाई जाती रही। हालांकि लंबे समय तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली, लेकिन पुलिस ने तलाश अभियान बंद नहीं किया।

हाल ही में प्राप्त एक महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर एएचटी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए बालिका को सकुशल बरामद कर लिया। बरामदगी के समय उसके साथ एक बच्चा भी मौजूद था। पुलिस टीम ने तत्काल बालिका को अपने संरक्षण में लेकर आवश्यक पूछताछ की।

पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि उसे बहला-फुसलाकर घर से ले जाया गया था। इसके बाद उसे कई वर्षों तक परिवार और समाज से दूर रखा गया। उसने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए आकाश उर्फ त्रिपाल और उसकी बहन पूजा उर्फ कस्तूरी को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

बरामद बालिका को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सुरक्षित संरक्षण में भेज दिया गया है। साथ ही उसके बयान दर्ज कराए जा रहे हैं ताकि पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने लाई जा सके।

पुलिस अधीक्षकीय स्तर पर इस मामले की लगातार निगरानी की जा रही थी। अधिकारियों ने बताया कि यह सफलता एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, स्थानीय पुलिस, तकनीकी टीम और मुखबिर तंत्र के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। वर्षों पुराने इस मामले के खुलासे से पुलिस टीम का मनोबल बढ़ा है और परिजनों को भी बड़ी राहत मिली है।

जनपद पुलिस ने कहा है कि महिलाओं और बच्चों से संबंधित अपराधों के मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जा रही है तथा ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

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